
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में गुरुवार को जमकर विरोध हुआ है। विरोध करने वालों में राजनीतिक, सामाजिक और छात्र संगठन शामिल थे। इसके अलावा डीएमके के नेताओं ने भी पीएम को जोरदार विरोध किया है। वहीं, विरोध करने वालों में 94 साल के डीएमके सुप्रीमो एम. करुणानिधी भी शामिल थे। करुणानिधी ने विरोध के लिए काले रंग के कपड़े पहने और व्हील चेयर पर बैठकर लोगों के सामने आए।
कावेरी नदी को लेकर है विवाद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह विरोध कावेरी नदी मामले को लेकर किया गया है। गौरतलब है कि कावेरी एक अंतररार्ज्यीय नदी है, कर्नाटक और तमिलनाडु इस कावेरी घाटी में पड़नेवाले प्रमुख राज्य हैं। इसलिए इस नदी के जल बंटवारे को लेकर हमेशा बवाल होता रहता है। बीते 16 फरवरी को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़़ की पीठ ने तमिलनाडु को 177.25 टीएमसी पानी देने का आदेश दिया है। अदालत के इस फैसले में तमिलनाडु को मिलने वाले पानी में 15 टीएमसी की कमी की गई है। गौरतलब है कि इससे पहले प्राधिकरण की ओर से 192 टीएमसी पानी देने का आदेश दिया था। वहीं, इस फैसले में कर्नाटक को अतिरिक्त 14.75 टीएमसी पानी देने का आदेश दिया गया है।
विरोध के बीच पीएम ने किया एक्सपो का उद्घाटन
इससे पहले गुरुवार सुबह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विशेष विमान से चेन्नई पहुंचे। जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विरोध प्रदर्शन के बीच तिरुविडंदै में औपचारिक रूप से डिफेंस एक्सपो का उद्घाटन किया। एयरपोर्ट के निकट नाम तमिलर कच्ची, टीवीके व फोरम फॉर वेलफेयर ऑफ तमिल आर्ट एंड लिटरेचर की ओर से विरोध प्रदर्शन हुआ। डीएमके नेताओं ने काले कपड़े पहन कर रैली निकाली। रैली में डीएमके कार्यवाहक अध्यक्ष एम. के. स्टालिन व राज्यसभा सांसद कनिमोझी समेत हजारों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। सईदापेट विधायक व पूर्व मेयर एम. सुब्रमण्यन के घर पर मोदी गो बैक लिखा बड़ा गुब्बारा छत पर लगाया गया।
Published on:
12 Apr 2018 05:54 pm
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