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आम्रपाली ग्रुप के ठिकानों पर ED की छापेमारी, 99 करोड़ की संपत्ति जब्त

ED Raid : आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ चल रही जांच में ED अब तक ग्रुप की 300 करोड़ से अधिक की संपत्ति को जब्त कर चुकी है।

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प्रतीकात्मक फोटो

ED Raid आम्रपाली ग्रुप के कई ठिकानों पर ED ने छापेमारी की है। इस छापेमारी में ग्रुप की 300 करोड़ से अधिक की संपत्ति को कुर्क किया गया है। आरोप है कि ग्रुप ने लोगों को घर का सपना दिखाकर उनसे उनकी जीवन भर की कमाई का एक बड़ा हिस्सा ले लिया और तय समय पर उन्हे घर नहीं दिए। जब लोगों ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो इन्होंने एक षड्यंत्र के तहत इस रकम को अन्य खातों में ट्रांसर्फर कर खुर्द-बुर्द कर दिया।

लंबे समय से चल रही जांच ( ED Raid )

इन्ही आरोपों में ED ने आम्रपाली के कई ठिकानों पर शनिवार को छापेमारी की। इस दौरान आम्रपाली ग्रुप के करीब 99.6 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को ED की ओर से सीज कर दिया गया है। इनमें आम्रपाली ग्रुप की फरीदाबाद में स्थित एक फैक्ट्री के अलावा दिल्ली मुंबई और कोलकाता के ऑफिस शामिल हैं। आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ पिछले लंबे समय से कार्रवाई चल रही है। इस कार्रवाई में अभी तक ED आम्रपाली ग्रुप की 300 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को जब्त कर चुकी है। अभी यह कार्रवाई चल रही है। आने वाले समय में ग्रुप की कुछ अन्य संपत्तियां भी जब्त होने की उम्मीद है। जांच कर रही टीम ने कुछ अन्य संपत्तियों को चिन्हित किया है।

लखनऊ ऑफिस की टीम ने की कार्रवाई

शनिवार को हुई कार्रवाई लखनऊ ऑफिस की टीम ने पीएमएलए के तहत की है। इस बारे में ED के लखनऊ ऑफिस से जारी प्रेस नोट में यह बताया गया कि यह सारी कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत की गई है। जो संपत्तियां जब्त तक की गई है उनमें मौर्य उद्योग लिमिटेड का ऑफिस शामिल है। इसमें फैक्ट्री की जमीन और इमारत भी है। यह भी बताया गया है कि मौर्य उद्योग लिमिटेड सुरेका ग्रुप का हिस्सा है। जिसके प्रमोटर नवनीत सुरेका और अखिल सुरेका हैं।

आम्रपाली ग्रुप ने दिखाया था लोगों को घर का सपना

आम्रपाली समूह पर आरोप है कि उन्होंने लोगों को अपने घर का सपना दिखाया और निवेशकों को अच्छे रिटर्न का लालच देकर उनसे काफी रुपया निवेश कर लिया और फिर उसके बाद तय समय पर फ्लैट नहीं दिए। ऐसे में ग्रुप को निवेशकों की राशि लौटानी थी लेकिन ऐसा नहीं किया। फ्लैट्स के नाम पर समूह ने जो अरबों रुपया इकट्ठा किया था उसे षड्यंत्र के तहत दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। इस गोलमाल के खिलाफ निवेशकों ने आम्रपाली समूह के निदेशक अनिल कुमार शर्मा, शिव प्रिया, अजय कुमार के नवनीत सुरेका, अखिल सुरेका और मौर्य उद्योग लिमिटेड समेत अन्य पर फर्जीवाड़ा करने के आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। इसी मामले में अब यह कार्रवाई की जा रही है।

निर्माण सामग्री खरीदने का बहाने खुर्द-बुर्द किया फंड

FIR के बाद जब इस मामले की जांच ED को सौंपी गई तो पता चला कि ग्रुप ने जो पैसा निवेशकों से लिया था उसे निर्माण सामग्री खरीदने के बहाने दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। इस षडयंत्र को आम्रपाली ग्रुप के डायरेक्टर और प्रमोटर ने मौर्या उद्योग लिमिटेड और मैसर्स ज्योतिंद्र स्टील एंड ट्यूब्स लिमिटेड के डायरेक्टर नवनीत सुरेका और अखिल सुरेका के साथ मिलकर अंजाम दिया। इन्होंने टीएमटी बार और निर्माण सामग्री खरीद के बहाने धन का लेनदेन दिखाकर खरीदारों के फंड को डाइवर्ट कर दिया और फर्जी कंपनियों और नकली सप्लायरों का एक जाल बुनकर पैसे को खुद कर दिया।


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