1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

आखिर वोटर आईडी को आधार कार्ड से क्यों लिंक करना चाहता है चुनाव आयोग? कैसे मिलेगा इसका फायदा

भारत में अब वोटर आईडी कार्ड को आधार कार्ड को जोड़ा जाएगा। दरअसल, चुनावी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सुधारों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने चुनाव आयोग के वोटर आईडी को आधार नंबर के साथ जोड़ने के प्रस्ताव की ओर एक कदम और बढ़ाया है। इस प्रस्ताव के तहत इस साल 18 साल के होने वाले युवाओं का पंजीकरण भी शामिल है। जिससे देश में वोटरों की संख्या में इजाफा होगा।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Nitin Singh

•

Updated: 16 Dec 2021, 5:43 PM IST

election commission wants to link voter id with aadhar card

election commission wants to link voter id with aadhar card

नई दिल्ली। भारत में अब वोटर आईडी कार्ड को आधार कार्ड को जोड़ा जाएगा। दरअसल, चुनावी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सुधारों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने चुनाव आयोग के वोटर आईडी को आधार नंबर के साथ जोड़ने के प्रस्ताव की ओर एक कदम और बढ़ाया है। इस प्रस्ताव के तहत इस साल 18 साल के होने वाले युवाओं का पंजीकरण भी शामिल है। जिससे देश में वोटरों की संख्या में इजाफा होगा। बता दें कि इस सुधार पर सहमति के बाद 2021 शीतकालीन सत्र में विधेयक प्रस्तुत किया जाना है। सरकार का कहना है कि आगामी दिनों में पांच राज्यों में होने वाले चुनावों में यह फैसला अहम साबित हो सकता है।

बता दें कि हाल ही में सरकार ने 4 चुनाव सुधार के प्रस्ताव दिए हैं। वहीं इन 4 सुधारों में सबसे अहम चुनाव आयोग को आधार नंबर को मतदाता सूची से जोड़ने की अनुमति देना है। यह भी साफ किया गया कि यह योजना स्वेच्छा के आधार पर बढ़ाई जाएगी।

बताया गया कि सरकार के चुनावी सुधार से जुड़े इन प्रस्तावों में हर साल चार बार मतदाता सूची में नए मतदाताओं के नाम दर्ज करने से जुड़ा है। बता दें कि मौजूदा नियमों के अनुसार जो लोग 1 जनवरी को 18 साल के होते हैं, उन्हें पूरे साल में एक बार अपना नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए मौका मिलता है। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद का कहना है कि आधार के साथ वोटर आईडी जोड़ने से अलग-अलग स्थानों पर एक ही व्यक्ति के नामांकन को रोकने में मदद मिलेगी।

युवाओं को भी मिलेगा लाभ

ऐसे में चुनाव आयोग ने मतदाता पंजीकरण के लिए कई कट ऑफ डेट की मांग की है। आयोग का मानना है कि 18 साल की उम्र पूरी होने का समय 1 जनवरी होने की वजह से कई मतदाता इस सूची में शामिल होने से वंचित रह जाते हैं। इसके चलते उन्हें कई बार परेशानी का सामना भी करना पडता है और इस तरह से कई युवा मतदान नहीं कर पाते। इसके चलते ही सरकार ने इन चुनावी सुधारों को प्रस्तावित किया है।

यह भी पढ़ें: नवजोत सिंह सिद्धू ने फिर खुद को बताया सीएम पद का दावेदार, कहा- लेकर आऊंगा पंजाब माडल

पिछले साल सरकार ने संसद में बताया था कि चुनाव आयोग ने आधार डेटाबेस का इस्तेमाल त्रुटि रहित चुनाव की तैयारी सुनिश्चित करने और प्रविष्टियों के दोहराव को रोकने के लिए करने का प्रस्ताव दिया था। वहीं इसके बाद मंत्रालय को इसके लिए 1951 के लोक प्रतिनिधि कानून में बदलाव की जरूरत महसूस हुई थी। इसके साथ ही आधार अधिनियम 2016 में भी बदलाव की आवश्यकता मालूम हुई। वहीं कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद का कहना है कि आधार के साथ वोटर आईडी जोड़ने से अलग-अलग स्थानों पर एक ही व्यक्ति के नामांकन को रोकने में मदद मिलेगी।

बड़ी खबरें

View All

नई दिल्ली

दिल्ली न्यूज़