मिराज 2000 लड़ाकू विमान के जरिए अमरीका निर्मित लेजर गाइडेड बम को चंदन फायरिंग रेंज में एक पूर्व निर्धारित स्थिर लक्ष्य पर गिराया गया। लेकिन ये लक्ष्य को भेदने में नाकाम रहा। इस लक्ष्य को दुश्मन की रडार साइट माना गया था और 3एन नाम दिया गया। इसी तरह सोवियत निर्मित ओएसए एके-एम सतह से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम भी अपने लक्ष्य को नहीं भेद सका। एक अधिकारी ने बताया कि दो मिसाइलों में से एक अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाई। ऐसा लगता है कि फ्यूज ने काम नहीं किया जिसकी वजह से मिसाइल लक्ष्य के नजदीक पहुंचने में नाकाम रही।