
EXCLUSIVE: NEET, JEE और UGC परीक्षा के विरोध पर शिक्षा मंत्री निशंक ने ‘पत्रिका’ से क्या कहा
“परीक्षा से योग्यता, विश्वसनीयता, छात्रवृत्ति, पुरस्कार, प्लेसमेंट, विश्व में किसी भी यूनिवर्सिटी में प्रवेश की स्वीकार्यता और बेहतर भविष्य की संभावनाओं में मदद मिलती है। इसलिए, छात्रों के कैरियर की प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए ये परीक्षाएं करवाना जरूरी है।”
- रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री
नई दिल्ली। ग्रेजुएशन और पीजी अंतिम वर्ष की परीक्षा करवाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के एक दिन बाद ही 400 विश्वविद्यालयों ने परीक्षा की तैयारी शुरू भी कर दी है। जबकि 200 विश्वविद्यालय ये परीक्षाएं करवा चुके हैं। यह दावा किया है केंद्र सरकार ने। साथ ही उम्मीद जताई है कि सभी विश्वविद्यालयों में अब जल्दी ही परीक्षाएं आयोजित हो सकेंगी। देश भर के 900 विश्वविद्यालयों में लगभग 1.5 करोड़ छात्रों को स्नातक और स्नातकोत्तर की अंतिम वर्ष की परीक्षा देनी है।
इसी तरह केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरीयाल निशंक ने नीट और जेईई की परीक्षाओं को ले कर विपक्ष के विरोध को भी गैर जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में और ज्यादा देरी संभव नहीं है क्योंकि अगला बैच भी परीक्षा के लिए तैयार बैठा है और ऐसे में स्थितियां और ख़राब हो सकती हैं।
आने-जाने की सुविधा के लिए डीएम को कहा
यह पूछने पर कि पब्लिक ट्रंसपोर्ट बंद होने के बावजूद दूर-दराज के छात्र कैसे पहुंच सकेंगे, उन्होंने कहा कि 99.87% नीट और 99.07% जेईई उम्मीदवार को मन मुताबिक परीक्षा सेंटर मिले हैं। साथ ही दूर-दराज के छात्रों को सेंटर तक पहुंचाने के लिए जिस शहर में सेंटर है, वहां के जिला अधिकारी को व्यवस्था करने को कहा गया है। उन्होंने कहा, ‘नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा वाले शहरों के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट/डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को पत्र लिख कर अंतर-राज्यीय आवागमन को सुविधाजनक बनाने, कानून व्यवस्था बनाये रखने, भीड़ प्रबंधन और कोरोना से संबंधित दिशानिर्देशों का पालन करवाने के लिए आग्रह किया है।’
छात्रों को पसंद की जगह पर मिले सेंटर
निशंक ने कहा कि 99 प्रतिशत छात्रों को उनके पसंद के शहर में ही परीक्षा केंद्र मिले हैं। जेईई के लिए परीक्षा केन्द्रों की संख्या 570 से बढ़ा कर 660 और नीट के लिए 2546 से बढ़ा कर 3843 कर दी गई है। इसके अलावा, जेईई (मेन) की परीक्षाओं के लिए शिफ्ट की संख्या 8 से बढ़ाकर 12 कर दी गई है, और हर शिफ्ट में उम्मीदवारों की संख्या 1.32 लाख से घटाकर 85000 कर दी गई है। इसी तरह कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए बहुत से उपायों की जानकारी उन्होंने दी।
परीक्षा जरूरी बता चुका है सुप्रीम कोर्ट
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि विश्वविद्यालय अपने अंतिम वर्ष या सेमेस्टर की परीक्षा आयोजित किए बिना छात्रों को डिग्री नहीं दे सकते। लेकिन जरूरत पड़ने पर वे यूजीसी से 30 सितंबर की समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध जरूर कर सकते हैं। इसी तरह नीट और जेईई परीक्षा के पक्ष में भी सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला दे चुका है। हालांकि एक दिन पहले सात विपक्ष शासित राज्यों के मंत्रियों ने इन नीट और जेईई परीक्षा के आयोजन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दुबारा याचिका दायर की है।
19 लाख एडमिट कार्ड डाउनलोड हो चुके
इन दोनों परीक्षाओं के लिए 24 लाख आवेदन हुए हैं। शनिवार तक 19 लाख उम्मीदवारों ने इन परीक्षाओं के एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिए थे।
Updated on:
30 Aug 2020 02:05 pm
Published on:
30 Aug 2020 11:43 am
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