
दिल्ली
एक और आप विधायक पर केस
बता दें कि व्यक्ति का नाम पोलेराम है। पुलिस ने बताया कि 42 साल के पोलेराम ने 19 जुलाई को अदालत के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सिंह ने नामांकन पत्र में गलत शैक्षणिक योग्यता बताई थी। सिंह ने नामांकन में दिया कि उत्तर प्रदेश बोर्ड से 12 वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की। शिकायत के बाद पुलिस आप विधायक की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों की जांच कर रही है।
जितेंद्र सिंह तोमर पर फर्जी डिग्री मामले में आरोप तय
वहीं, आप नेता और दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर पर शनिवार को आदालत ने फर्जी डिग्री विवाद माले में आरोप तय कर दिए है। अदालत ने एडवोकेट के तौर पर रजिस्ट्रेशन के लिए बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (बीसीडी) के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगया है। यही नहीं कोर्ट ने उनके ऊपर आपराधिक साजिश रचने का भी आरोप लगाया है।
बता दें कि इस मामले में अदालत ने 14 आरोपियों में से 9 के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। वहीं, पांच को बरी कर दिया गया है। अडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट ने आप विधायक को जाली दस्तावेजों को वास्तविक बताकर पेश करने के लिए आरोपी भी ठहराया है।
क्या है मामला...
गौरतलब है कि आरोपी जितेंद्र सिंह तोमर ने बीसीडी में एनरोलमेंट के लिए जाली मार्कशीट्स और डिग्रियों का इस्तेमाल किया था। यहीं नहीं उन्होंने जांच के दौरान पुलिस को आरटीआई भी फर्जी दी। जिसके बाद उन्होंने बीसीडी के साथ धोखाधड़ी की। अगर वह जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल न करते तो उनका बीसीडी में एनरोलमेंट नहीं होता।
Published on:
22 Jul 2018 12:33 pm
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