
Delhi University: यूजीसी के समर्थन में किए गए विरोध प्रदर्शन में बहुए बवाल के बाद अब बड़ा फैसला लिया गया है। दरअसल, दिल्ली विश्वविद्याल प्रशासन ने आदेश जारी किया है अब अगले एक महीने तक परिसर में किसी भी प्रकार का विरोध प्रर्दशन, मीटिंग और नारेबाजी नहीं की जाएगी। प्रॉक्टर कार्यालय के मुताबिक, यह निर्णय इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आदेश के तहत किसी भी तरह के जमावड़े, धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी पर सख्त रोक लगाई गई है। प्रशासन का कहना है कि ऐसे आयोजनों से आम लोगों की आवाजाही बाधित होती है और अप्रिय स्थिति बनने का खतरा रहता है। इसलिए शांति और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है, ताकि शैक्षणिक माहौल प्रभावित न हो और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस प्रतिबंध का मूल उद्देश्य छात्रों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक कामकाज में किसी भी तरह की बाहरी रुकावट को रोकना है। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर मनोज कुमार ने कहा कि पिछले कुछ आयोजनों के दौरान आयोजक विरोध प्रदर्शनों और उपद्रव की स्थिति को नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल रहे। इसके चलते प्रदर्शन अनियंत्रित रूप से बढ़ते चले गए और विश्वविद्यालय परिसर के भीतर कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से न केवल पढ़ाई का माहौल बाधित होता है, बल्कि छात्रों की सुरक्षा पर भी खतरा पैदा होता है, इसलिए एहतियात के तौर पर यह सख्त कदम उठाया गया है।
आपको बता दें दिल्ली विश्वविद्यालय ने इस आदेश को जारी करने के पीछे का कारण बताया कि पिछले दिनों यूजीसी के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान कैंपस में जमकर वबाल हुआ था। प्रशासन को यह अंदेशा है कि अनियंत्रित सभाओं से शांति भंग हो सकती है और यातायात बाधित हो सकता है।
Published on:
17 Feb 2026 03:52 pm
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