15 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पहली बार अमरीका के कुल नकदी रिजर्व के पार हुआ बर्कशायर हैथवे के पास पड़ा धन

वॉरेन बफे की कंपनी ने एपल में 50 फीसदी हिस्सेदारी घटाई

2 min read
Google source verification

वॉशिंगटन. दुनिया के दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे इंक ने एपल में करीब 50 फीसदी हिस्सेदारी घटा दी है। इस निर्णय के बाद इतिहास में पहली बार बर्कशायर हैथवे के पास अमरीका के कुल नकदी रिजर्व से ज्यादा नकदी हो गई है।

एपल के शेयरों की भारी बिकवाली के कारण वॉरेन बफे के पास मौजूद नकदी 276.9 अरब डॉलर के रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में हैथवे ने कई कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेची है। कंपनी ने शनिवार को कहा था कि उस दौरान उसने 75.5 अरब डॉलर के शेयर बेचे। हालांकि हैथवे ने यह नहीं बताया कि एपल के कितने के शेयर बेचे। यह शेयर ऐसे समय बेचे गए, जब अमरीकी शेयर बाजार ने रेकॉर्ड उच्च स्तर को छुआ था। हालांकि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जुड़े शेयरों की रैली खत्म होने की आशंका से पिछले 3 हफ्तों से इंडेक्स लगातार गिरावट के साथ बंद हुआ। अमरीकी अर्थव्यवस्था से जुड़ी चिंताओं के कारण शुक्रवार को अमरीकी बाजार इंडेक्स में 1.8 फीसदी की गिरावट आई थी। बर्कशायर ने बैंक ऑफ अमरीका में भी अपनी हिस्सेदारी में 8.8 फीसदी की कटौती की है।

कंपनी के पास हैं 40 करोड़ शेयर

बर्कशायर ने 2016 में पहली बार एपल में अपनी हिस्सेदारी का खुलासा किया था। इसके बाद कंपनी ने 2021 में बताया कि उसके पास एपल के 90.8 करोड़ शेयर है, जिसे उसने सिर्फ 31.1 बिलियन डॉलर में खरीदा। जून तिमाही के अंत में उसके पास एपल के करीब 40 करोड़ शेयर बचे थे, जिनकी कीमत 84.2 बिलियन डॉलर है।

टैक्स के कारण बेचनी पड़ी हिस्सेदारी

बफे ने मई में शेयरधारकों की बैठक में कहा था कि उसने अमरीकन एक्सप्रेस कंपनी और कोका-कोला में भी निवेश किया है, लेकिन एपल इन दोनों के मुकाबले बेहतर बिजनेस वाली कंपनी है। उन्होंने कहा था कि एपल उनके पोर्टफोलियो की टॉप होल्डिंग्स कंपनी बनी रहेंगी। हालांकि अब लगता है कि टैक्स से जुड़े मुद्दों के कारण बर्कशायर को अपनी हिस्सेदारी बेचनी पड़ी है।