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जीबी रोड से बचाई गई महिलाओं ने बताया दर्द, किन-किन हालात से गुजरना पड़ा उन्‍हें

धंधा करने से मना करने पर उन महिलाओं के साथ मारपीट की जाती थी और उनका खाना-पीना तक बंद कर दिया जाता था। जान से मारने की धमकी भी दी जाती थी।

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जीबी रोड से बचाई गई महिलाओं ने बताया दर्द, किन-किन हालात से गुजरना पड़ा उन्‍हें

नई दिल्ली : पिछले हफ्ते दिल्‍ली के जीबी रोड से दो महिलाओं को महिला आयोग की मदद से छुड़ा लिया गया था। वह एक दिन मौका पाकर वहां से भाग निकली थीं और निजामुद्दीन रेलवे स्‍टेशन पर पहुंच गई थीं और वहां से महिला आयोग को फोन किया था। उन्‍होंने अपने साथ हो रहे अत्‍याचार के बारे में जो जानकारी दी, वह दिल दहला देने वाली थी।

चेहरे और गर्दन पर जलाने के दाग बाकी हैं हैं
पुलिस के जांच में उनके ऊपर जुल्‍मों-सितम के कई भयावह मामले सामने आए हैं। उनके साथ मारपीट तो आम बात थी ही, साथ में उनका खाना-पीना तक बंद कर दिया जाता था और जान से मार डालने की धमकी दी जाती थी। उनके गर्दन और चेहरे पर जलाने के दाग अब भी बाकी है। वह चाहे दर्द से कराह रही हों या बीमार हों उन्‍हें वेश्‍यावृति के लिए ग्राहकों के पास इस हिदायत के साथ भेज दिया जाता था कि वह उनके सामने अपना मुंह बंद रखेंगी। चौंकाने वाली जो बात सामने आई है, वह यह है कि उन महिलाओं को गोरा करने के लिए उनके चेहरे को पत्थर से और केमिकल से किया जाता था, ताकि वह गोरी दिखें। क्योंकि काला दिखने पर धंधे पर असर पड़ता था।

दोनों को नौकरी के नाम पर लाया गया था
बता दें कि एक दलाल इन दोनों को पश्चिम बंगाल से नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाया था। इसके बाद इन्‍हें जीबी रोड ले जाकर एक कोठे पर बेच दिया था। इनकी शिकायत पर पुलिस ने कोठे की एक मालकिन रेशमा को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि दूसरी सायरा अभी तक फरार बताई जाती है। दोनों लड़कियां महिला आयोग की देखरेख में नारी निकेतन में रह रही हैं। उन्‍होंने बताया कि उनसे जबरदस्‍ती धंधा कराया जा रहा था।