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धूप में निकलो… भारत में हर पांचवें व्यक्ति में विटामिन डी की कमी, अध्ययन में चेतावनी

चिंताजनक : जरूरी कदम नहीं उठाए तो बन जाएगी बड़ी स्वास्थ्य समस्या

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नई दिल्ली. एक अध्ययन में खुलासा हुआ है कि भारत में हर पांचवां व्यक्ति विटामिन डी की कमी से जूझ रहा है। विटामिन डी का मुख्य स्रोत सूरज की रोशनी है। देश में इस रोशनी की कोई कमी नहीं होने के बावजूद इस हालत पर अध्ययन में चिंता जताई गई। अध्ययन इंडियन काउंसिल ऑफ रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकॉनोमिक रिलेशन (आइसीआरआइईआर) और एक फाउंडेशन ने किया।आइसीआरआइईआर की प्रोफेसर डॉ. अर्पिता मुखर्जी ने कहा कि अध्ययन रिपोर्ट चेतावनी देती है कि अब और देर नहीं की जा सकती। अगर हमने मिलकर योजना नहीं बनाई और जरूरी कदम नहीं उठाए तो विटामिन डी की कमी बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन जाएगी। अगर हमें संयुक्त राष्ट्र के 2030 तक कुपोषण खत्म करने के संकल्प पर आगे बढऩा है तो सबसे पहले अपनी जनसंख्या में विटामिन डी की कमी को खत्म करना होगा।

इसलिए है जरूरी...

रिपोर्ट के मुताबिक विटामिन डी शरीर के लिए खास विटामिन है, जो वसा में घुलता है। विटामिन डी ही कैल्शियम को शरीर में अवशोषित करने में मदद करता है। इसकी कमी से कैल्शियम की कमी हो जाती है। नसों की मजबूती, मांसपेशियों में संकुचन और इम्यूनिटी के लिए विटामिन डी बहुत जरूरी है।

कमी ऐसे होगी दूर

विटामिन डी की कमी धूप के पर्याप्त सेवन से दूर की जा सकती है। मछली, मशरूम, सीड्स आदि में भी विटामिन डी होता है। अध्ययन के सह-लेखक डॉ. आशीष चौधरी ने कहा कि गैजेट्स के कारण लोगों का बाहर जाना कम हो गया है। ज्यादातर लोग ऑफिस में सिस्टम पर काम करते हैं या घरों में हमेशा मोबाइल पर व्यस्त रहते हैं।

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