
ग्रेटर नोएडा की छह बिल्डर सोसाइटियों पर जुर्माना।
Greater Noida Authority: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ग्रेटर नोएडा में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की अनदेखी करना बिल्डर्स और सोसाइटी को भारी पड़ गया। ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण ने छह बिल्डर्स सोसाइटी समेत ग्रेटर नोएडा की 202 सोसाइटियों को नोटिस जारी किया है। इसमें से छह बिल्डर्स सोसाइटी पर 27 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। प्राधिकरण के सूत्रों की मानें तो इन सभी सोसाइटियों से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के संचालन, शोधित जल का दोबारा उपयोग समेत कुछ अन्य बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा प्राधिकरण की टीमें खुद भी बिल्डर सोसाइटियों का निरीक्षण कर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन पर रिपोर्ट तैयार कर रही हैं।
दरअसल, एनसीआर के ग्रेटर नोएडा में पिछले दो सप्ताह से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) को लेकर ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण विशेष अभियान चला रहा है। इसी अभियान के तहत ग्रेटर नोएडा में 6 बिल्डर्स सोसाइटी समेत 202 सोसाइटियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इसके साथ ही छह बिल्डर्स सोसाइटी में गंभीर लापरवाही मिलने पर जुर्माना भी लगाया गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि जिन बिल्डर सोसाइटियों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनसे एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है। उन्होंने बताया कि अगर एक सप्ताह में इन सोसाइटियों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो प्राधिकरण की टीम खुद मौके पर जाकर निरीक्षण करेगी।
ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि सोसाइटियों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण में अगर लापरवाही या अनियमितताएं मिलती हैं तो संबंधित सोसाइटियों पर जुर्माना लगाने समेत उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट क्षेत्र में सैकड़ों ऐसी सोसाइटियां पाई गई हैं, जहां सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का संचालन नहीं हो रहा है। इससे सीवेज बैक फ्लो की गंभीर समस्या सामने आ रही है। इसके अलावा नदियों और जलस्रोतों का पानी भी प्रदूषित हो रहा है।
| एडाना सोसाइटी सेक्टर अल्फा वन | 2 लाख |
| पंचशील हाइनिश सेक्टर-1 | 5 लाख |
| गैलेक्सी नॉर्थ एवेन्यू सेक्टर-4 | 5 लाख |
| फ्लोरा हेरिटेज सेक्टर-1 | 5 लाख |
| अरिहंत आर्डन सेक्टर-1 | 5 लाख |
| समृद्धि ग्रांड एवेन्यू टेकजोन-4 | 5 लाख |
उन्होंने बताया कि बीते दो सप्ताह से विशेष अभियान के तहत अब तक छह बिल्डर सोसाइटियों पर कुल 27 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इन सभी सोसाइटियों को जुर्माने की राशि सात दिनों के भीतर जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय में राशि जमा न करने पर आगे की कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई है। इसके अलावा कई बिल्डरों द्वारा भूजल का भी गलत तरीके से दोहन किया जा रहा है। ऐसे में प्राधिकरण ने सभी सोसाइटियों से एसटीपी की क्षमता, उसके नियमित और सुचारु संचालन को लेकर विस्तृत जवाब मांगा है। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि शोधित सीवेज जल का उपयोग पेड़-पौधों की सिंचाई और अन्य गैर-पीने योग्य कार्यों में किया जा रहा है या नहीं।
ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने स्पष्ट कहा कि जिन सोसाइटियों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाया गया है या फिर लगाने के बाद उसका संचालन मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा है। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें भारी जुर्माना, जलापूर्ति पर रोक, अवैध भूजल दोहन पर कार्रवाई, संबंधित बिल्डर या आरडब्ल्यूए के खिलाफ कानूनी नोटिस जारी करना तथा आवश्यक होने पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करना भी शामिल है। प्राधिकरण का कहना है कि पर्यावरण सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Updated on:
31 Dec 2025 01:58 pm
Published on:
31 Dec 2025 01:58 pm
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