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तुम्हारी पर्सनैलिटी पर मैं फिदा…कार का नंबर ट्रेस कर सिपाही ने महिला की निकाली निजी डिटेल, प्रपोज करते ही सस्पेंड

Gurugram Crime: दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में एक सिपाही की करतूत ने पूरे विभाग को शर्मसार कर दिया। अफसरों ने महिला की शिकायत पर एक्‍शन लेते हुए तुरंत आरोपी को सस्पेंड कर दिया।
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नई दिल्ली

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Vishnu Bajpai

•

Updated: 26 Sep 2025, 8:14 PM IST

Rape Case (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Rape Case (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Gurugram Crime: दिल्ली से सटे गुरुग्राम से एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने पूरे पुलिस महकमे को शर्मसार कर दिया। इसके साथ ही महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े हो हैं। हालांकि अधिकारियों ने शिकायत मिलने पर सिपाही को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। यह मामला अब चर्चा का विषय बना है। दरअसल, गुरुग्राम निवासी एक 50 साल की महिला ने आरोप लगाया है कि गुरुग्राम पुलिस में तैनात एक कांस्टेबल ने न केवल उनका पीछा किया, बल्कि उनकी निजी जानकारी का दुरुपयोग कर इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक संदेश भी भेजे। मामला उजागर होने के बाद आरोपी कॉस्टेबल के खिलाफ FIR दर्ज की गई। साथ ही उसे सस्पेंड भी कर दिया गया है। मामला 14 सितंबर 2025 की रात का बताया जा रहा है।

मिनटों में खोज निकाली महिला की पूरी कुंडली

पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि वह अपनी कार (Tata Punch) से सेक्टर 45 से घर लौट रही थीं। इसी दौरान पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) वैन में तैनात कांस्टेबल ने उसे देखा और उसकी गाड़ी का नंबर नोट कर लिया। बाद में कांस्टेबल ने गाड़ी नंबर के जरिए महिला की निजी डिटेल्स खंगाल डालीं और उनके सोशल मीडिया अकाउंट तक पहुंच बना ली। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि घर पहुंचने के कुछ घंटों बाद ही उसे इंस्टाग्राम पर एक अजीब सा मैसेज मिला। उसमें लिखा था “आप सेक्टर 45 में अपनी Tata Punch कार से आईं क्या?” यह पढ़कर महिला हैरान रह गईं। उन्होंने जब मैसेज भेजने वाले से सवाल किया तो पता चला कि वह गुरुग्राम पुलिस का ही कांस्टेबल है।

पीसीआर वैन से कार में महिला को देखा

महिला का कहना है कि कांस्टेबल ने खुद कबूल किया कि उसने PCR वैन से उन्हें देखा था। उसने गाड़ी का नंबर ट्रेस किया, फिर सोशल मीडिया पर उनकी प्रोफाइल खोजी और उनसे बातचीत करने की कोशिश की। कांस्टेबल का यह भी कहना था कि वह महिला की अलग पर्सनैलिटी से आकर्षित हुआ और दोस्ती करना चाहता था। घटना के दो दिन बाद, यानी 16 सितंबर 2025 को महिला ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। लेकिन शुरुआत में पुलिस का रवैया उदासीन बताया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें आरोपी को सिर्फ ब्लॉक करने की सलाह दी गई थी।

महिला की आपबीती और सवाल

इस घटना से आहत महिला ने सोशल मीडिया पर अपनी पूरी आपबीती साझा की। उन्होंने लिखा कि, “सरकार ने PCR वैन हमारी सुरक्षा के लिए तैनात की है। लेकिन अगर वही पुलिसकर्मी हमारी लाइव मूवमेंट्स ट्रैक करके व्यक्तिगत जानकारी निकालें और फिर इस तरह संदेश भेजें, तो महिलाओं की सुरक्षा का क्या होगा?” महिला के इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। लोगों ने पुलिस पर भरोसा तोड़ने का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। हालांकि, जैसे ही मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और लोगों का गुस्सा बढ़ने लगा, पुलिस प्रशासन हरकत में आया। 23 सितंबर 2025 को आरोपी कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया और उसके खिलाफ FIR दर्ज की गई।

बड़ा सवाल: सुरक्षा किसके भरोसे?

यह मामला सिर्फ एक महिला की परेशानी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। जिस पुलिस बल पर नागरिक अपनी सुरक्षा का भरोसा करते हैं, अगर वही निजी जानकारी का दुरुपयोग करने लगे तो आम जनता कैसे सुरक्षित महसूस करेगी? महिला सुरक्षा को लेकर सरकार और पुलिस लगातार कई दावे करती हैं, लेकिन यह घटना उन दावों पर सवालिया निशान लगाती है। क्या PCR वैन और पुलिस का इस्तेमाल जनता की रक्षा के लिए हो रहा है, या फिर कुछ लोग इसे अपनी निजी इच्छाओं की पूर्ति का साधन बना रहे हैं?

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