
जिमखाना क्लब मामले में दिल्ली हाईकोर्ट का केंद्र सरकार को नोटिस (X)
Delhi Gymkhana Club eviction: दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने सोमवार को राजधानी के जिमखाना क्लब से जुड़े एक महत्वपूर्ण विवाद में केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह मामला क्लब को खाली कराने के लिए जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को चुनौती देने से संबंधित है, जिसे याचिकाकर्ताओं ने मनमाना और कानूनी प्रक्रिया के विपरीत बताया है।
जानकारी के अनुसार, जिमखाना क्लब के वरिष्ठ सदस्य विजय खुराना और स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका में केंद्र सरकार के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत क्लब परिसर को खाली करने का निर्देश दिया गया था। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह कार्रवाई न केवल अनुचित है बल्कि स्थापित प्रक्रियात्मक नियमों का भी उल्लंघन करती है।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से एक्स्ट्रा टाइम की मांग की। उन्होंने अदालत को अवगत कराया कि संबंधित कारण बताओ नोटिस के अनुसार क्लब के प्रतिनिधियों को 7 जुलाई तक एस्टेट ऑफिसर के समक्ष उपस्थित होना अनिवार्य है, इसलिए सरकार को विस्तृत जवाब तैयार करने के लिए समय दिया जाए।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि लगभग एक महीने पहले केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट को यह आश्वासन दिया था कि किसी भी प्रकार की बेदखली की कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में और उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही की जाएगी।
अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही, इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 28 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि सरकार आगामी सुनवाई में क्या रुख अपनाती है और यह विवाद कानूनी तौर पर किस दिशा में आगे बढ़ता है।
केंद्र सरकार ने मई 2026 में 113 साल पुराने इस एलीट क्लब को 27 एकड़ की सरकारी जमीन (लुटियंस दिल्ली) खाली करने का आदेश दिया, क्योंकि लीज खत्म हो गई और भूमि रक्षा व सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जरूरी है। क्लब ने हाईकोर्ट में चुनौती दी, जहां सरकार ने कानूनी प्रक्रिया का आश्वासन दिया।
Updated on:
06 Jul 2026 12:18 pm
Published on:
06 Jul 2026 11:31 am
