
नई दिल्ली। पुणे में एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। बताया जा रहा है कि एक पति ने अंधविश्वास में अपनी गर्भवती पत्नी की बर्बरतापूर्वक पिटाई कर दी। हालांकि, महिला और बच्चा को किसी तरह बचा लिया गया है। वहीं, पुलिस ने घटना में शिकायत दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
यह है पूरा मामला...
वाकड़ थाना के पुलिस ने बताया कि महिला का पति एक प्राइवेट कंपनी में बतौर मैनेजर काम करता है। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी नवंबर 2017 में हुई थी। हाल ही में वो गर्भवती हुई थी। गर्भवती होने की बात जानकर घरवाले काफी खुश हुए। लेकिन, किसी ने उसके घरवालों को बता दिया कि पूर्णिमा में कोई महिला गर्भवती होती है तो उसे लड़की होता है। लेकिन, उसके घरवाले लड़का चाहते थे। पुलिस ने कहा कि गर्भवती महिला के ससुराल उसे जबरदस्ती इस तरह की एक्सर्साइज़ करने को कहते थे, जिससे उसका गर्भपात हो जाए। लेकिन, जब वो अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए तो शनिवार को महिला के पति ने अपनी बहनों के साथ मिलकर उसके पेट पर लात और घूसे मारने लगे। लेकिन, महिला किसी तरह अपनी जान बचाकर पुलिस थाने पहुंच गई और अपने पति, सास, ससुर और दो ननदों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी। इसके बाद गंभीर हालत में पुलिस ने महिला को हॉस्पिटल में भर्ती और बाद में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर सभी को गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के मुताबिक, महिला और उसका बच्चा फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित है। पुलिस ने घटना में आईपीसी की धारा 315 के तहत सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। लेकिन, ये सोचने वाली बात है कि आज भी हमारे समाज में अंधविश्वास के नाम पर इस तरह के अत्याचार हो रहे हैं। लेकिन, यह गनीमत रही कि इस घटना में दोनों सही सलामत बच गए।
Published on:
17 Apr 2018 07:21 pm
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