6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दोस्ती-ब्लैकमेलिंग और धन उगाही…एयरहोस्टेस के जाल में ऐसे फंसा कारोबारी, पति-भाई और मां पर FIR

Facebook Honeytrap: फेसबुक पर दोस्ती के बाद गुरुग्राम के एक कारोबारी को हनीट्रैप में फंसाकर करोड़ों रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

3 min read
Google source verification
facebook honeytrap gugugram businessman got balckmailed by female online friend

प्रतीकात्मक तस्वीर

\Facebook Honeytrap:गुरुग्राम की एक पॉश सोसाइटी से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। आज के समय में सोशल मीडिया पर दोस्ती करना बहुत आम बात हो गई है, लेकिन गुरुग्राम के एक कारोबारी को शायद अंदाजा भी नहीं था कि फेसबुक पर एक महिला से दोस्ती करना उन्हें इतना महंगा पड़ेगा। खुद को एयरहोस्टेस बताने वाली एक महिला ने पहले उनसे दोस्ती की, फिर धीरे-धीरे उनका भरोसा जीत लिया। इसके बाद कारोबारी को अपने जाल में फंसाकर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी गई और उनसे करोड़ों रुपये वसूले गए। जानकारी के अनुसार, वह महिला इस साजिश में अकेली शामिल नहीं थी, बल्कि उसके साथ परिवार के और भी लोग शामिल थे। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पांच साल तक चली ब्लैकमेलिंग

साल 2020 में सेक्टर -54 की एक पॉश सोसाइटी में रहने वाले कारोबारी के पास फेसबुक पर एक महिला ने फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। कारोबारी ने फ्रेंड रिक्वेस्ट के एक्सेप्ट कर लिया और उनके बीच में बातचीत होने लगी। किम उर्फ प्रियंका संगमा नाम की उस महिला ने खुद को दुबई की एमिरेट्स एयरलाइंस की एयरहोस्टेस बताकर दोस्ती की। इस बात का भरोसा दिलाने के लिए उसने फ्लाइट के अंदर की कुछ तस्वीरें भी भेजी। उन दोनों के बीच में दोस्ती हो गई और फिर उन्होंने आपस में एक दूसरे को नंबर भी दे दिए जिसके बाद उनकी बात व्हाट्सऐप पर होने लगी। महिला ने बातों ही बातों में कारोबारी से उसका तस्वीरें मांगी और उसके बाद उन फोटोज का गलत इस्तेमाल करते हुए उसे ब्लैकमेल कर पैसे वसूलने लगी। यह पूरा सिलसिला पांच साल तक चला, जिसके दौरान महिला 6 करोड़ 30 लाख रुपये कारोबारी से वसूल चुकी थी।

पैरालिसिस के बाद भी नहीं रुकी महिला

आरोपियों की लगातार धमकियों और ब्लैकमेलिंग से कारोबारी मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुके थे। वह इतने तनाव में आ गए थे कि उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया और वे पैरालिसिस के शिकार हो गए। इसके बाद भी आरोपियों ने उन पर इंसानियत नहीं दिखाई और उन्हें नहीं बख्शा। वह अस्पताल के नाम पर फर्जी बिल भेजकर पैसे मांगते रहे। डर और बदनामी के चक्कर में कारोबारी ने 2 मई 2021 को पहली बार सिर्फ पांच हजार रुपये भेजे थे, लेकिन बाद में धीरे-धीरे पैसों की मांग बढ़ती गई और यह रकम करोड़ों में पहुंच गई।

पैसे नहीं दिए तो बदनाम करने की धमकी

परेशान होकर पीड़ित ने आरोपियों का नंबर ब्लॉक कर दिया था, लेकिन उसके बाद भी उसका पीछा नहीं छूटा। लगभग एक हफ्ते के बाद आरोपी ने दूसरे नंबर से फिर फोटो और चैट भेजकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था। आरोपियों ने कारोबारी के ऑफिस, कामकाज और परिवार से जुड़ी पूरी जानकारी पहले ही जुटा ली थी। जब पीड़ित ने पैसे देने से मना किया, तो आरोपियों ने उसके ऑफिस में गलत फोटो और चैट लगाने और फेसबुक पर पोस्ट करने की धमकी दी। साथ ही समाज में उनकी छवि खराब करने की धमकी दी गई।

समय के साथ बढ़ती गई रकम

आरोपियों ने हर बार अलग-अलग बहानों से पैसे वसूले। साल 2021 में पायलट की ट्रेनिंग के नाम पर 32 लाख 38 हजार रुपये मांगे गए। इसके बाद साल 2022 में महिला ने अपने पिता की मौत का हवाला देते हुए 47 लाख 15 हजार रुपये मांगे। इसके अलावा साल 2023 में कभी घर में कैंसर की सर्जरी तो कभी बच्चे के इलाज का बहाना बनाकर लगभग 1 करोड़ 26 लाख रुपये वसूले गए। इसके बाद साल 2024 और 2025 में बदनामी की धमकी देते हुए चार करोड़ से ज्यादा रुपये वसूले गए।

परिवार के और लोग भी शामिल

इस मामले में पीड़ित का आरोप है कि इस पूरी साजिश में अकेली महिला शामिल नहीं थी। उसके साथ पति, भाई और मां भी शामिल थे। सभी ने मिलकर अलग-अलग तरीके से पीड़ित को डरा-धमकाकर पैसे वसूले। कभी किसी ने खुद को शिलांग का एसडीएम बताकर बात की और पैसे वापस करने का भरोसा दिलाया। कभी मां की कैंसर सर्जरी, कभी प्रेग्नेंसी तो कभी बच्चे के इलाज का हवाला देकर करोड़ों रुपये मांगे गए। वहीं महिला के पति ने तो खुद को मेघालय के मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी बताकर पीड़ित को धमकाया भी था।