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जमानत मिलने के बाद भी जेल में रहेंगे चैतन्यानंद…कॉलेज की 17 छात्राओं से यौन शोषण मामले में बड़ा अपडेट

Swami Chaitanyanand Saraswati: दिल्ली के वसंत कुंज स्थित प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्‍थान में बतौर निदेशक स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पर 17 छात्राओं का यौन शोषण करने का आरोप है। पुलिस ने स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ पांच मुकदमे दर्ज किए हैं। इनमें से एक मामले में उन्हें कोर्ट ने आंशिक राहत दी है।
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नई दिल्ली

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Vishnu Bajpai

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Updated: 6 Feb 2026, 3:40 PM IST

Swami Chaitanyanand Saraswati Girl students Sexual harassment case Update at Shri Sharda Institute in Delhi

Swami Chaitanyanand Saraswati: स्वघोषित धर्मगुरु स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती का नाम एक बार फिर चर्चा में आ गया है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उनपर दर्ज कुल पांच मुकदमों में से एक में जमानत दे दी है, लेकिन इसके बाद भी वो अभी जेल में ही रहेंगे। दरअसल, स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पर दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च (SRISIIM) में बतौर निदेशक 17 छात्राओं का यौन शोषण करने का आरोप है। इसके अलावा वह फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट का इस्तेमाल करने के भी आरोपी हैं। यह नंबर प्लेट शैक्षणिक संस्‍थान के बेसमेंट में खड़ी चैतन्यानंद सरस्वती की निजी कार में लगी पाई गई थी।

जमानत के बाद भी जेल में रहेंगे स्वामी

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने एक मामले में चैतन्यानंद को जमानत दे दी, लेकिन स्वामी चैतन्यानंद पर एक कॉलेज की छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगे हैं, जिस मामले में वे अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं। यह मामला उसी कॉलेज से जुड़ा है, जहां वे निदेशक पद पर तैनात थे। जमानत देते हुए अदालत ने दिल्ली पुलिस की जांच पर कड़ा रुख अपनाया। न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिमेष कुमार ने जांच को लापरवाह बताते हुए कहा कि चार्जशीट बेहद कैजुअल तरीके से दाखिल की गई है। अदालत के मुताबिक पुलिस ऐसा कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई, जिससे यह साबित हो सके कि डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट स्वामी ने खुद बनवाई या लगवाई थी।

स्वामी चैतन्यानंद पर दर्ज हैं पांच मामले

स्वामी चैतन्यानंद का नाम लंबे समय से विवादों में रहा है। उनके खिलाफ कुल पांच मामले दर्ज हैं, जिनमें से तीन साल 2025 में दर्ज किए गए। 17 छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के आरोप में वे फिलहाल गिरफ्तार हैं। इसके अलावा उन पर फर्जी ट्रस्ट बनाकर हर महीने करीब 40 लाख रुपये के गबन का आरोप भी है। डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट की जालसाजी के मामले में उन्हें अब जमानत मिली है। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगाने वाले ड्राइवर को जांच के दायरे में ही नहीं लिया गया। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने में नाकाम रही कि नकली प्लेटें कहां से आईं और क्या वाकई स्वामी उस वाहन का इस्तेमाल कर रहे थे।

चैतन्यानंद ने 17 छात्राओं का किया यौन शोषण

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, स्वघोषित धर्मगुरु स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पर कॉलेज की 17 छात्राओं का यौन शोषण का आरोप लगने से पहले भी साल 2009 में डिफेंस कॉलोनी में धोखाधड़ी और 2016 में वसंत कुंज में एक छात्रा से छेड़छाड़ के मामले दर्ज ‌किए गए थे। हालांकि, इन मामलों में न तो गिरफ्तारी हुई और न ही कभी चार्जशीट दाखिल की गई। इसके बाद जब अगस्त 2025 में एक के बाद एक करके 17 छात्राओं ने शैक्षणिक संस्‍थान के निदेशक स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पर यौन शोषण का आरोप लगाया तो यह मामला पूरे देश में सुर्खियां बना। इसके बाद एक्टिव हुई पुलिस ने चैतन्यानंद के खिलाफ पुरानी शिकायतों पर भी संज्ञान लिया।

अगस्त में सामने आया छात्राओं के यौन शोषण का मामला

स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च (SRISIIM) में बतौर निदेशक तैनात ‌थे। पिछले साल अगस्त में इंस्टीट्यूट में ईडब्ल्यूएस कोटे से पढ़ाई कर रही 17 छात्राओं ने उनपर यौन शोषण जैसा गंभीर आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने सभी छात्राओं के बयान दर्ज किए थे। इस दौरान छात्राओं ने पुलिस को स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती की अश्लील चैट भी सौंपी थी। इसमें चैतन्यानंद ने छात्राओं के साथ अश्लील बातचीत के साथ ऐसी बातें भी कहीं थीं, जो छात्राओं को परेशान कर रही थीं। पुलिस ने 5 अगस्त 2025 को प्राथमिकी दर्ज की थी।

देर रात छात्राओं को कमरे पर बुलाकर बनाता था शारीरिक संबंध

कॉलेज की छात्राओं के आरोप के बाद पुलिस ने लगभग 32 छात्राओं के बयान दर्ज किए। इनमें से 17 छात्राओं ने खुद का यौन शोषण होने की बात कही। छात्राओं ने पुलिस को बताया कि चैतन्यानंद देर रात उन्हें अपने कमरे पर बुलाता था। इसके बाद उनके साथ यौन संबंध बनाता था। मना करने पर कॅरिअर खराब करने की धमकी देता था। इस मामले में छात्राओं ने महिला स्टाफ पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। छात्राओं के आरोपों के बाद स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती फरार हो गया था, लेकिन बाद में पुलिस ने यूपी के आगरा से गिरफ्तार किया। इसके बाद 27 नवंबर 2025 को अदालत में पांच आरोपियों के खिलाफ लगभग 1077 पेज की चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें स्वामी समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। पटियाला हाउस कोर्ट में 20 जनवरी को मामले पर सुनवाई हुई थी।

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