
गुवाहाटी. देश के सर्वोच्च संस्थानों में छात्रों की आत्महत्या चिंता का सबब बना हुआ है। आइआइटी गुवाहाटी ने छात्रों को तनाव से बचाने के लिए अनोखा प्रयास शुरू किया है। इसके लिए आइआइटी प्रशासन ने फैसला किया कि नए सत्र से आइआइटी गुवाहाटी में गुरु-शिष्य सुबह की सैर एक साथ करेंगे। इसके साथ ही छात्रों को मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए अनिवार्य रूप से उनकी काउंसिलिंग के साथ नियमित मेडिकल जांच भी की जाएगी। इसके अतिरिक्त छात्र-छात्राओं को तनाव दूर करने के लिए हॉस्टल में विशेष कार्यशाला भी होंगी, ताकि वे हर चुनौती के प्रति खुद को तैयार कर सकें। आइआइटी गुवाहाटी के निदेशक देवेंद्र जालीहल ने बताया कि छात्र मानसिक रूप से स्वस्थ रहें इसके लिए कई फैसले लिए गए हैं। 'साथी काउंसिलिंग क्लबÓ के माध्यम से छात्र एक दूसरे की समस्याओं को सुनने और समाधान के तौर तरीकों पर विचार करेंगे। इसमें विशेषज्ञों की टीम भी उनकी मदद करेगी।
पूर्व सैनिक की भी मदद लेंगे
आइआइटी गुवाहाटी में छात्रों के हॉस्टल में भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों को मददगार के रूप में तैनात किया जाएगा। इनकी जिम्मेदारी छात्रों से नियमित बात करने की होगी। उनके बात या स्वभाव की जानकारी मनोचिकित्सकों को देनी होगी। खास बात है कि छात्रों की काउंसिलिंग प्रक्रिया को गुप्त रखा जाएगा, ताकि छात्रों पर किसी तरह का अतिरिक्त दबाव न पड़े।
खानपान का भी विशेष ख्याल रखा जाएगा
आइआइटी निदेशक के अनुसार इस प्रोजेक्ट के तहत खानपान का भी विशेष ख्याल रखा जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों का खानपान अच्छा रहेगा तो उनके भीतर तनाव, अवसाद, अनिद्रा और घबराहट जैसी समस्या खत्म होगी और पढ़ाई में भी उनकी दिलचस्पी बढ़ेगी।
Published on:
15 Mar 2025 11:28 pm
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