फोर्ब्स की 100 ग्रेटेस्ट लिविंग बिजनेस माइंड की सूची में शामिल हुए विनोद खोसला
विनोद खोसला भारतीय मूल के अमरीकी इंजीनियर और बिजनेसमेन हैं। वे कुछ ऐसे गिने-चुने लोगों में से हैं, जिन्होंने बहुत पहले ही यह समझ लिया था कि इंटरनेट और फाइबर ऑप्टिकल तकनीक आगे चलकर संचार व्यवस्था को बहुत तेज और सस्ती बनाने वाली है। तब से अब तक विनोद कई कंपनियों को शुरू करने और उनकी कामयाबी के पीछे एक महत्वपूर्ण हस्ती रहे हैं। उनके बारे में यह माना जाता है कि सूचना तकनीक की जिस कंपनी में वे दिमाग लगा देते हैं, उसकी कामयाबी निश्चित होती है। लोग यह तक कहते हैं कि विनोद जिस कंपनी को छूते हैं, वह सोना बन जाती है।
25 वर्ष की उम्र में कंपनी खोली
सूचना प्रोद्योगिकी का गढ़ मानी जाने वाली अमरीका की सिलिकॉन वैली शुरू से ही उनकी कर्मभूमि रही है। 1980 के दशक की शुरुआत में उन्होंने सन माइक्रोसिस्टम कंपनी की स्थापना की थी। तब उनकी उम्र बस 25 साल थी। 1986 में उन्होंने इससे विदा ले ली। फिर वे वित्त बाजार की महारथी कंपनी क्लीनर परकिंस कॉफील्ड एंड बायर्स के भागीदार बन गए। 2004 में उन्होंने खुद की फर्म खोसला वेंचर्स भी खोली।
संपत्ति करते हैं दान
अपने परिवार के साथ विनोद कैलिफोर्निया के पोर्टोवोला वैली में रहते हैं। उनके तीन बेटियां और एक बेटा है। तीन साल पहले उनकी बेटी नीना एक्स बॉयफ्रेंड द्वारा ब्लैकमेल किए जाने से चर्चा में आई थी। उनकी पत्नी का नाम नीरू खोसला है, जो उनके साथ सन माइक्रोसिस्टम कंपनी की सह-संस्थापक थीं। दो साल पहले दोनों पति-पत्नी ने अपनी कुल संपत्ति का आधा दान करने की घोषणा की थी। वे विकीमीडिया फाउंडेशन के प्रमुख दाताओं में शामिल हैं।
गेट्स के पसंदीदा भारतीयों में से एक
फोब्र्स द्वारा जारी सबसे अमीर व प्रभावशाली लोगों की सूची में विनोद लंबे समय से उल्लेखनीय जगह बनाए हुए हैं। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और माइक्रोसॉफ्ट के मालिक बिल गेट्स भी विनोद की प्रतिभा से खासे प्रभावित रहते हैं। नरेंद्र मोदी , रतन टाटा और अमिताभ बच्चन समेत विनोद उन बेहद चुनिंदा भारतीयों में से हैं, जिन्हें बिल गेट्स ट्विटर पर फॉलो करते हैं।