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दिव्यांगों की चलने में मदद करेगा ‘आयरन मैन’ जैसा रोबोट

तुम भी चलो-हम भी चलें : दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों ने बनाया ‘वॉकऑन सूट एफ-1’

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बुसान. दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों ने हॉलीवुड की फिल्म ‘आयरन मैन’ जैसा रोबोट तैयार किया है। चलने में अक्षम (पैराप्लेजिक) लोग इसे पहनकर चल सकते हैं। रोबोट लोगों के शरीर से जुड़ जाता है और चलने, बाधाओं को पार करने, सीढिय़ां चढऩे में उनकी मदद करता है।रोबोट का नाम ‘वॉकऑन सूट एफ-1’ रखा गया है। इसे कोरिया एडवांस्ड इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (केएआइएसटी) की एक्सोस्केलेटन लैब की टीम ने विकसित किया। टीम का कहना है कि यह दिव्यांग लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन सकता है। टीम के सदस्य किम सुंग-ह्वान खुद पैराप्लेजिक हैं। उन्होंने रोबोट के प्रोटोटाइप को पहनकर 3.2 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलकर दिखाया। उन्होंने सीढिय़ां चढ़ीं और दाएं-बाएं चलते हुए बेंच पर जाकर बैठे। किम ने कहा, ‘यह रोबोट मेरे पास आ सकता है। व्हीलचेयर पर बैठे-बैठे इसे पहनकर मैं खड़ा हो सकता हूं।’ किम सुंग-ह्वान रोबोट पहनकर दिव्यागों की दौड़ साइबाथलॉन में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।

12 इलेक्ट्रॉनिक मोटरों से जोड़ों की हरकत

एल्यूमीनियम और टाइटेनियम से बने रोबोट का वजन 50 किलोग्राम है। यह 12 इलेक्ट्रॉनिक मोटरों से लैस है, जो चलने के दौरान इंसानी जोड़ों की हरकतों को दोहराती हैं। रोबोट में आगे की तरफ लेंस लगे हैं। ये आंखों की तरह काम करते हैं। लेंस सीढिय़ों की ऊंचाई और रुकावटों का विश्लेषण करते हैं। यह सुविधा उन लोगों के लिए है, जिनके शरीर की संवेदनाएं पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं।

फिल्म के रोबोटिक सूट से प्रेरणा

हॉलीवुड की फिल्म ‘आयरन मैन’ में रोबोटिक सूट अपने आप नायक के शरीर से जुड़ जाता है। कोरियाई वैज्ञानिकों को फिल्म देखकर ‘वॉकऑन सूट एफ-1’ बनाने की प्रेरणा मिली। इसमें सेंसर लगे हैं, जो प्रति सेकंड तलवों और ऊपरी शरीर के 1,000 सिग्नल रिकॉर्ड करते हैं। सेंसर संतुलन बनाए रखने और हरकतों को समझने में उपयोगकर्ता की मदद करते हैं।