
जीतन राम मांझी
नई दिल्ली। कर्नाटक के कोप्पल जिले में एक दलित बच्चे के माता पिता पर 23,000 रुपए का जुर्माना (dalit family fined 23 thousand karnataka) लगाने पर जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने प्रतिक्रिया दी है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने कहा कि धर्म के राजनीतिक ठेकेदारों की जबान ऐसे मामलों पर नहीं खुलती। अब कोई कुछ नहीं बोलेगा, क्योंकि धर्म के ठेकेदारों को पसंद नहीं कि दलित मंदिर में जाएं।
भगवान राम के अस्तित्व पर जीतन राम मांझी का बयान
जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने इस संबंध में ट्विटर पर लिखा, 'ये जो हम कह रहें हैं, बस सदियों का दर्द है, गुस्से का अब-तक हमने इजहार कहां किया। कहा जा रहा है कि जीतन राम मांझी इस मुद्दे को हाल ही में भगवान राम के अस्तित्व को नकारने वाले बयान से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि मंगलवार को जीतन राम मांझी ने कहा था कि श्रीराम कोई जीवित और महापुरुष व्यक्ति थे, ऐसा मैं नहीं मानता, लेकिन रामायण (ramayana) कहानी में जो बातें बताई गई हैं, वो सीखने वाली हैं।
क्या है पूरा मामला
यह मामला कर्नाटक के कोप्पल जिले के हनुमानसागर इलाके का है। यहां एक दलित बच्चे के माता-पिता पर इसलिए 23,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया, क्योंकि उनका 2 साल का बेटा हनुमान मंदिर में भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए चला गया था। जानकारी के मुताबिक 4 सितंबर को बच्चे का जन्मदिन था। इस मौके पर माता-पिता बच्चे को हनुमान मंदिर ले गए थे।
यह भी पढ़ें: जीतन राम मांझी ने भगवान राम के अस्तित्व पर उठाए सवाल, बिहार की सियासत में मचा बवाल
कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में दलितों को मंदिर के अंदर जाने की अनुमति नहीं है, वे हमेशा बाहर से मंदिर के सामने खड़े होकर प्रार्थना करते थे। पिता अपने बेटे के साथ बाहर था, उत्साह में बच्चा भागकर मंदिर के अंदर चला गया। इसके बाद इलाके के ही कुछ लोगों ने परिवार पर 23 हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया। वहीं अब देशभर में इस घटना की जमकर आलोचना हो रही है।
Published on:
23 Sept 2021 02:09 pm
बड़ी खबरें
View Allनई दिल्ली
दिल्ली न्यूज़
ट्रेंडिंग
