
कौन हैं Justice Suryakant, जिन्होंने Nupur Sharma को लगाई फटकार, कोर्ट में अपने ही खेत से हुई चोरी की सुना चुके हैं दास्तान
Who is Justice Suryakant: पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने वाली निलंबित भाजपा नेता नुपूर शर्मा को सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत ने नुपूर के बयानों को भड़काने वाला बताया उन्होंने कहा कि उन्हें पूरे देश से टीवी पर आकर माफी मांगनी चाहिए। देश में जो हो रहा है इसके लिए केवल नुपूर शर्मा जिम्मेदार हैं। उसकी ढीली जीभ ने पूरे देश में आग लगा दी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आप जैसे लोग बयान देकर लोगों को भड़काते हैं और माफी मांगने में भी देरी करते हैं।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में नुपूर शर्मा को फटकार लगाने वाले जस्टिस सूर्यकांत चर्चा में आ गए हैं। लोग उनके बारे में सोशल मीडिया पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में कब पद ग्रहण किया और कब कौन से पद में रहे इसके बारे में जानकारी शेयर कर रहे हैं, तो आइए वह कब, कहां और किस पद पर रहे।
जस्टिस सूर्यकांत कब, कहां और किस पद पर रहे
- जस्टिस सूर्यकांत ने 2019 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय में पद ग्रहण किया।
- इससे पहले उन्होंने 5 अक्टूबर 2018 से 23 मई 2019 तक हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश के रूप में काम किया।
- 9 जनवरी 2004 से 4 अक्टूबर 2018 तक पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में काम किया।
- जस्टिस सूर्यकांत ने 1985 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय अभ्यास किया।
- 7 जुलाई 2000 में उन्हें हरियाणा का सबसे कम उम्र का महाधिवक्ता और 2001 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता नियुक्त किया गया।
- जस्टिस सूर्यकांत ने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक से LLB की है।
कोर्ट में अपने ही खेत से हुई चोरी की सुना चुके हैं दास्तान
जस्टिस सूर्यकांत ने कुछ दिन पहले एक जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अपने खेत में हुई चोरी की दास्तान सुनाई। दरअसल एक मामले में वकील 'छोटा अपराध' का दावा करते हुए अग्रिम जमानत की मांग की, जिसके बाद उन्होंने चोरी की दास्तान सुनाते हुए बताया कि मेरे पास खेती योग्य कुछ जमीन और ट्यूब वेल हैं। एक दिन एक काम करने वाले ने सुबह फोन करके ट्यूबवेल और तार की चोरी हो गई है।
इसके बाद मैं स्थानीय पुलिस स्टेशन शिकायत दर्ज कराने गया तो वहां के थाना प्रभारी ने बताया कि कुछ दिन पहले ही कोर्ट ने चोर को जमानत दे दी है। इसके बाद जस्टिस सूर्यकांत ने वकील को बताया कि आप जिस आरोपी की जमानत की मांग रहे हैं वह एक "छोटा अपराध" का है, लेकिन आपके मुवक्किल पर 14 मामले दर्ज हैं। एक बार जब आरोपी को जमानत मिल जाती है, तो आप वही काम फिर से शुरू कर देते हैं।
Published on:
01 Jul 2022 02:04 pm
बड़ी खबरें
View Allनई दिल्ली
दिल्ली न्यूज़
ट्रेंडिंग
