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कठुआ गैंगरेप केसः ‘मुस्लिम का केस लड़ने पर मुझे हिंदू विरोधी बताया जा रहा’

कठुआ गैंगरेप पीड़िता की वकील दीपिका एस राजावत ने कहा कि बार एसोसिएशन के वकील उन्हें हिंदू विरोधी बताकर समाज से बाहर करना चाहते हैं।

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नई दिल्ली। कठुआ गैंगरेप केस में सोमवार को आठों आरोपियों के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय में सुनवाई शुरू हो गई। गैंगेरप के सभी आठों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। वहीं, इस मामले को लेकर जहां पीड़ित के पिता ने केस की सुनवाई जम्मू-कश्मीर से बाहर कराने की सुप्रीम कोर्ट से अपील की है। वहीं, पीड़िता की वकील दीपिका एस राजावत ने कहा कि एक मुस्लिम का केस लड़ने पर उन्हें हिंदू विरोधी बताया जा रहा है।

हिंदू विरोधी कहकर समाज से निकालने की हो रही बातें- राजावत

दीपिका एस राजावत ने कहा, "मुझे बार एसोसिएशन के वकीलों ने अलग-थलग कर दिया है। उन्होंने कहा कि मैं एक मुस्लिम लड़की को इंसाफ दिलाने के लिए उसका केस लड़ रही हूं, इसलिए मुझे हिंदू विरोधी कहकर समाज से निकालने की बातें हो रही हैं। इतना ही नहीं वकील ने कहा कि मुझे कोर्ट में प्रैक्टिस तक करने से रोका जा रहा है। वकील राजावत का यह भी कहना था कि मुझे यह तक नहीं पता कि आगे मैं अपना कैसे गुजारा करूंगी।"

इधर, इस मामले को लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कहा कि वकीलों से जुड़े विवाद की जांच के लिए काउंसिल ने एक पैनल बनाया है। जम्मू-कश्मीर बार एसोसिएशन के वकीलों पर आरोपियों का सपोर्ट करने का आरोप है। जिन्होंने 10 अप्रैल को पुलिस को चार्जशीट पेश करने से रोका था।

सरकार ने केस के लिए सिख समुदाय के वकील को किया नियुक्त

उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए और केस को हिंदू-मुस्लिम का रंग लेते देख जम्मू-कश्मीर की महबूबा सरकार ने पैरवी के लिए सिख समुदाय के दो स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किए हैं।

यह है मामला

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के रासना गांव में बकरवाल समुदाय की 8 साल की बच्ची से जनवरी में बंधक बनाकर कई दिनों तक गैंगरेप किया गया। रेप के बाद बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस मामले में कुल आठ लोग आरोपी हैं, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में 10 अप्रैल को चार्जशीट दाखिल की गई, उस वक्त वकीलों ने चार्जशीट दाखिल करने से पुलिस को रोक दिया था, जिसके बाद से इस मुद्दे ने पूरे देश में बवाल मचा दिया।