याचिका के अनुसार, महिला साल 2016 से ही अपने पति द्वारा मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न झेल रही थी। ऐसे में उसने अपने जीवन में आगे बढ़ने का फैसला लिया और फरवरी 2026 से एक अन्य व्यक्ति के साथ हैदराबाद में लिव-इन में रहने लगी। साथ रहने के फैसले के बाद महिला के परिवार और पति की तरफ से उन्हें लगातार धमकियां मिलने लगीं। इतना ही नहीं, स्थानीय पुलिस के हस्तक्षेप से भी उनकी परेशानी बढ़ गई। इन हालातों से बचने के लिए दोनों दिल्ली आ गए और अपनी सुरक्षा के लिए हाई कोर्ट का रुख किया।