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अब एम्स में शुरू होगी लाइव लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा

राहत : निजी अस्पतालों से एक तिहाई सस्ती

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अब एम्स में शुरू होगी लाइव लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा

अब एम्स में शुरू होगी लाइव लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा

नई दिल्ली. लिवर के मरीजों के लिए अब दिल्ली एम्स में भी लाइव लिवर ट्रांसप्लांट शुरू होने वाला है। औसतन सभी बड़े प्राइवेट अस्पतालों में लिवर ट्रांसप्लांट का पैकेज 25 लाख रुपए से ज्यादा है, लेकिन एम्स में इस पर सिर्फ 7 लाख रुपए खर्च होने की संभावना जताई जा रही है।एम्स प्रशासन ने लाइव लिवर ट्रांसप्लांट शुरू करने के लिए 10 सदस्यों की कमेटी बनाई है। यह ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया बेहतर बनाने पर रिपोर्ट देगी। इसके अनुसार योजना पर काम शुरू किया जाएगा। कमेटी में गुजरात यूनिवर्सिटी ऑफ ट्रांसप्लांटेशन साइंस के वाइस चांसलर डॉ. प्रांजल मोदी, एम्स डायरेक्टर डॉ. एम. श्रीनिवास, जीआइ सर्जरी के एचओडी डॉ. पीयूष साहनी समेत कई अन्य एचओडी को शामिल किया गया है। देश के सबसे बड़े मेडिकल इंस्टीट्यूट एम्स में सभी तरह के अंग ट्रांसप्लांट होते हैं। इनमें हार्ट, लंग्स, किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट शामिल हैं। फिलहाल एम्स में लिवर ट्रांसप्लांट उसी हालत में होता है, जब लिवर किसी ब्रेन डेड मरीज (कैडेवर डोनर) से मिलता है। चूंकि देश में कैडेवर डोनेशन की तादाद गिनती की हैं, इसलिए एम्स में लिवर ट्रांसप्लांट कम हो पाते हैं। फिलहाल दिल्ली के सरकारी सेंटरों में सिर्फ आइएलबीएस एकमात्र अस्पताल है, जहां लाइव डोनर के जरिए लिवर ट्रांसप्लांट हो रहा है। एम्स के एक अधिकारी ने बताया कि एम्स में प्राइवेट अस्पतालों की तुलना में एक तिहाई खर्च में लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा मिल जाएगी।

एक साथ 10-12 घंटे की 2 सर्जरी

लिवर ट्रांसप्लांट के लिए मेडिकली फिट इंसान अपने लिवर का कुछ हिस्सा डोनेट कर सकता है। इससे उसे नुकसान नहीं होता, क्योंकि लिवर में सबसे ज्यादा रीजेनरेटिंग क्षमता होती है। समय के साथ डोनर का लिवर फिर से जेनरेट हो जाता है। लिवर ट्रांसप्लांट में दो सर्जरी एक साथ होती हैं। इसमें औसतन 10 से 12 घंटे लगते हैं।