
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा मुख्यालय पर रविवार को दूसरे और आखिरी दिन मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में केंद्र। और राज्य सरकारों के बेहतर तालमेल पर जोर दिया। यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों को जन भागीदारी से सफल बना सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकारें अधिक मज़बूती से लोक कल्याण के समन्वित प्रयासों में लगती हैं तो विकसित भारत का लक्ष्य हम निश्चित हासिल कर पायेंगे। विरासत का विकास और विकास की विरासत का निर्माण, इन दोनों का हमारी विकसित भारत की संकल्पना में विशेष महत्व है। ‘मुख्यमंत्री-परिषद’ में भाजपा के सभी 13 मुख्यमंत्री और सभी 15 उप-मुख्यमंत्री शामिल हुए।
भारतीय जनता पार्टी के सु-शासन के एजेंडे के तहत इस तरह की मुख्यमंत्री परिषद का आयोजन समय-समय पर होता आया है। वर्तमान वर्ष 2024 का यह दूसरा आयोजन था। प्रधानमंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने से लेकर विकास कार्यक्रमों में जन-भागीदारी पर और अधिक बल देने की दृष्टि से अन्यान्य प्रयासों की आवश्यकता तथा सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करते हुए लोगों तक सरकारी योजनाओं की पहुँच बढ़ाने के उपायों की भी विस्तार से चर्चा की।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में राज्य सरकारों की भूमिका की चर्चा की। बैठक के प्रारंभ में कुछ भाजपा शासित राज्यों के नवाचार प्रेरित और सु-शासन केंद्रित प्रयासों के संदर्भ में प्रयासों की चर्चा करने वाले प्रस्तुतीकरण भी हुए। उत्तर प्रदेश की ग्रामीण सचिवालय योजना, असम सरकार का सरकारी रिक्त स्थानों की शीघ्र भर्ती के लिए विशेष अभियान, गुजरात के सौर ऊर्जा निर्माण को गति देने के प्रयास, त्रिपुरा का ‘अमार सरकार’ कार्यक्रम और बिहार सरकार के अवैध खनन रोकथाम के लिए किए गए प्रयास इत्यादि विशेष उल्लेखनीय प्रस्तुतीकरण इस परिषद में हुए।
Published on:
29 Jul 2024 03:16 pm
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