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Delhi: एमसीडी ने जनरल ट्रेड और स्टोरेज लाइसेंस के समान रेट लागू किए, सभी कैटेगरी के रेट हर तीन साल में बढ़ेंगे 15 परसेंट

दिल्ली में एमसीडी के एकीकरण के बाद तीनों पूर्व एमसीडी - नॉर्थ, साउथ और ईस्ट एमसीडी में सभी नियमों को एकरूपता में तब्दील करने के लिए एमसीडी अधिकारियों की तरफ से कई कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में एमसीडी ने एकीकरण के बाद निगम के अधिकार क्षेत्र में पूरी दिल्ली में जनरल ट्रेड और स्टोरेज लाइसेंस की एक समान दरें लागू कर दी हैं। निगम के अनुसार पूर्व एमसीडी में इन लाइसेंस रेट में असमानताएं थीं, 22 मई 2022 से निगम के एकीकरण के बाद, पूरी दिल्ली में एक समान दरें लागू की गई हैं।

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Delhi: एमसीडी ने जनरल ट्रेड और स्टोरेज लाइसेंस के समान रेट लागू किए, सभी कैटेगरी के रेट हर तीन साल में बढ़ेंगे 15 परसेंट

Delhi: एमसीडी ने जनरल ट्रेड और स्टोरेज लाइसेंस के समान रेट लागू किए, सभी कैटेगरी के रेट हर तीन साल में बढ़ेंगे 15 परसेंट

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने निगम के एकीकरण के तहत पूरे एमसीडी क्षेत्र में जनरल ट्रेड और स्टोरेज लाइंस की समान रेट लागू कर दिए हैं। यह रेट जनरल ट्रेडिंग, वेयर हाउस, शोरूम, गोडाउन, कोल्ड स्टोरेज पर लागू होंगे। एमसीडी के अनुसार 1 अप्रैल, 2025 से बढ़ाई गई दरों को हर तीन वर्ष में सभी कैटेगरी के लिए लाइसेंस रेट में 15 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी। इसके अलावा लाइसेंस 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक रिन्यू किया जा सकता है। लाइसेंस की समाप्ति की तारीख से 30 दिनों के अंदर बिना किसी जुर्माने के और उसके बाद 5 फीसदी प्रति महीने के तहत जुर्माना लिया जाएगा। साथ ही वर्ष के अंत में दोगुना जुर्माना वसूला जाएगा।

एमसीडी के 2012 में विभाजन के तहत तीनों एमसीडी - नॉर्थ, साउथ और ईस्ट एमसीडी ने अपने निगम क्षेत्र में संशोधित डीएमसी अधिनियम 2011 के प्रावधानों के अनुसार अपनी लाइसेंस नीति का मसौदा और रेट तय किया था। इस प्रकार तीनों पूर्व एमसीडी द्वारा लाइसेंस रेट के फीस स्ट्रक्चर में असमानताएं मौजूद थीं। एमसीडी के एकीकरण के बाद इस संबंध में निगम के अधिकार क्षेत्र में एकरूपता को स्थापित करने के लिए दिल्ली में एक समान दरें लागू कर गई हैं।

10 वर्ग मीटर के लिए ग्रुप ए और बी के लिए 3 हजार रुपये देने होंगे

नई दरों के अनुसार 10 वर्ग मीटर तक के क्षेत्र के लिए ग्रुप ए और बी के लिए 3,968 रुपये, ग्रुप सी और डी के लिए 2,645 रुपये और ग्रुप ई व एच के लिए 1,323 रुपये देने होंगे। वहीं, 10 से 20 वर्ग मीटर के बीच के एरिया के लिए ग्रुप और बी के लिए 9,919 रुपये, ग्रुप सी व डी के लिए 6,613 रुपये और ग्रुप ई व एच के लिए 3,306 रुपये देने होंगे।

21 वर्ग मीटर से अधिक होने पर ये दरें लागू

वहीं, 21 वर्ग मीटर से 400 वर्ग मीटर तक क्षेत्र के लिए ग्रुप ए और बी के लिए 9,919 रुपये देने होंगे, साथ ही 20 वर्ग मीटर से अधिक एरिया होने पर 166 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से देने होंगे। ग्रुप सी और डी के लिए 6,613 रुपये देने के साथ ही 20 वर्ग मीटर से ज्यादा एरिया होने पर 132 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से देने होंगे। इसके अलावा ग्रुप ई और एच के लिए 3,306 रुपये के साथ ही 20 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल होने पर 99 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से देने होंगे।

400 वर्ग मीटर के लिए ग्रुप ए और बी के लिए देने होंगे 72 हजार रुपये

400 वर्ग मीटर से अधिक के क्षेत्र के लिए ग्रुप ए और बी के तहत 72996 रुपये के साथ ही 400 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र के लिए 83 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से देने होंगे। ग्रुप सी और डी के लिए 56,773 रुपये साथ ही 400 वर्ग मीटर से ज्यादा एरिया होने पर 66 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से भुगतान करना होगा। इसके अलावा ग्रुप ई और एच के लिए 40926 रुपये के साथ ही 400 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल होने पर 50 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से शुल्क देना होगा।

शोरूम व अन्य के लिए 66 हजार रुपये ग्रुप ए और बी केटेगरी के लिए देने होंगे

इसके अलावा शोरूम, रिटेल आउटलेट, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोर से जुड़े स्टोर, गैस व सीएनजी गोदान, स्टोरेज, पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पाद की केटेगिरी के लिए ग्रुप ए और बी के तहत 66,125 रुपये या 166 रुपये प्रति वर्ग मीटर (जो भी ज्यादा हो) देने होंगे। ग्रुप सी एवं डी के लिए 52,900 रुपये या 132 प्रति वर्ग मीटर जो भी ज्यादा हो) ग्रुप ई एवं एच के लिए 39,675 रुपये या 99 रुपये प्रति वर्ग मीटर जो भी ज्यादा हो) शुल्क देना होगा।