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विदेश मंत्रालय-टीसीएस को कैग की फटकार

जिस पासपोर्ट के लिए अपॉइंटमेंट लेने में ही आपको हफ्तों इंतजार करना पड़ता है, वह पासपोर्ट ऑनलाइन आवेदन करने के तीन दिन के भीतर कैसे मिलेगा

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Shankar Sharma

May 02, 2016

Delhi news

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स्कंद विवेक धर
नई दिल्ली. जिस पासपोर्ट के लिए अपॉइंटमेंट लेने में ही आपको हफ्तों इंतजार करना पड़ता है, वह पासपोर्ट ऑनलाइन आवेदन करने के तीन दिन के भीतर कैसे मिलेगा । पासपोर्ट बनने में होने वाली देरी के लिए भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने विदेश मंत्रालय और सेवा प्रदाता टीसीएस को फटकार लगाई है।

डिप्टी सीएजी राकेश जैन के मुताबिक, विदेश मंत्रालय और टीसीएस के बीच हुए अनुबंध के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति के ऑनलाइन आवेदन करने के 3 कार्यशील दिवस के भीतर उसे पासपोर्ट मिल जाना चाहिए। जिन मामलों में पहले पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी है, उनमें भी पुलिस वेरिफेशन के लिए तय अधिकतम 21 दिन के अलावा 3 दिन (कुल 24 दिन) से अधिक नहीं होना चाहिए। हालांकि ऐसा होता नहीं है।

फिलहाल ऑनलाइन आवेदन करने के बाद अपॉइंटमेंट मिलने में अलग-अलग पासपोर्ट सेवा केंद्रों (पीएसके) में 1 दिन से लेकर 6 8 दिन तक का समय लग जाता है। वहीं, पुलिस वेरिफिकेशन में राष्ट्रीय स्तर पर औसतन 42 दिन का समय लग जाता है, जो कि तय समयसीमा से दोगुना है। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली और राजस्थान समेत सिर्फ 7 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश ऐसे हैं, जहां तय समय में पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट मिल रही है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट मिलने में जहां दो महीने से अधिक का वक्त लग जा रहा है, वहीं असम में पुलिस वेरिफिकेशन में 9 महीने का वक्त लग जाता है। मध्यप्रदेश में पासपोर्ट बनने में लगने वाला औसत समय करीब 3 महीने है, जबकि असम जैसे पूर्वोत्तर के राज्यों में इसे हासिल करने में एक साल से अधिक का समय लग जाता है।

कम कर्मचारियों पर टीसीएस की खिंचाई
डिप्टी सीएजी जैन के मुताबिक, विभिन्न पीएसके पर जरूरत से कम कर्मचारी और अन्य संसाधन होने की वजह से लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। जबकि अनुबंध में एक व्यक्ति को पीएसके में आने और जाने में महज 25 मिनट के वक्त लगने का प्रावधान है। टीसीएस द्वारा पीएसके में पूछताछ के लिए अलग से काउंटर न बनाने की आलोचना करते हुए कैग ने कहा है कि इससे लोगों को मामूली पूछताछ के लिए लंबी कतार में लगना पड़ता है।