
नई दिल्ली. देश में सोमवार को जब रक्षाबंधन का त्यौहार बनाया जा रहा होगा उसी रात को आसमान में महत्त्वपूर्ण खगोलीय घटना होगी। रात को आसमान में सुपर ब्ल्यूमून दिखाई देगा और सामान्य से 30 फीसदी अधिक रोशनी बिखेरेगा। सुपर ब्ल्यूमून के दौरान चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए करीब 90 फीसदी करीब आ जाएगा और 14 फीसदी बड़ा दिखाई देगा। यह संयोग कुछ ऐसा बनेगा जैसे हमारे चंदा मामा राखी पर अपनी बहिन धरती के करीब आ गए हों।सुपरमून और ब्ल्यूमून का एक साथ होना बेहद महत्त्वपूर्ण घटना मानी जाती है। आसमान में ऐसा संयोग सालों में एक बार बनता है। खास बात है कि यह सुपर ब्ल्यूमून कई देशों में 18 अगस्त को भी दिखाई दिया। भारत में इसे 19 अगस्त की रात से 20 अगस्त को सूर्य निकलने से पहले देख सकेंगे। यूरोप और अफ्रीका में रहने वालों के लिए भी सुपर ब्ल्यूमून 19 अगस्त की रात को दिखाई देगा।
सूर्य के प्रकाश से होगा 100 फीसदी रोशन
सुपर ब्ल्यूमून के दौरान चंद्रमा के निकवर्ती हिस्से का करीब 98 फीसदी भाग सूर्य के प्रकाश से रोशन होगा। यह धीरे-धीरे बढ़कर 99 और 100 फीसदी तक पहुंच जाएगा। सुपरमून के अपने चरम पर होने पर यह पृथ्वी से लगभग 225,288 मील दूर होगा।
1940 में पहली बार कहा गया था ब्ल्यूमून
1940 के दशक में पहली बार ब्ल्यूमून शब्द का इस्तेमाल किया गया था। किसी महीने में दूसरी पूर्णिमा को ब्ल्यूमून कहा गया था। इस दौरान अलग चंद्रमा पृथ्वी के सर्वाधिक नजदीक होता है और वह अधिक चमकीला दिखाई देता है तो सुपर ब्ल्यूमून कहा जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक जैसे-जैसे रात गहरी होती जाएगी, चंद्रमा की रोशनी अधिक होती चलेगी।
Published on:
19 Aug 2024 12:09 am
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