
दिल्ली पुलिस की 40 टीमों ने एक साथ गैंगस्टर्स के 24 से ज्यादा ठिकानों पर की छापेमारी। (फोटोः AI)
Operation Clean in Delhi: राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस के ऑपरेशन क्लीन से बुधवार देर रात गैंगस्टर्स में हड़कंप मच गया। इस दौरान पुलिस की 40 टीमों ने एक साथ गैंगस्टर्स के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस सूत्रों की मानें तो इस दौरान पुलिस को गैंगस्टर्स के ठिकानों से भारी मात्रा में अवैध हथियार और नकदी मिली है। दिल्ली पुलिस का यह अभियान दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय गैंगस्टर्स के विभिन्न गिरोहों पर नकेल कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस कार्रवाई के तहत उगाही, अवैध हथियार रखने और संगठित अपराध से संबंधित कई एफआईआर भी दर्ज की गई हैं।
दिल्ली पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में सक्रिय कुख्यात अपराधी गिरोहों पर नकेल कसने के लिए बुधवार देर रात एक बड़ा अभियान चलाया। जिसे ऑपरेशन क्लीन नाम दिया गया। दिल्ली पुलिस की आउटर नॉर्थ जिला यूनिट ने यह अभियान टिल्लू ताजपुरिया, नीरज बवाना-राजेश बवाना, जितेंद्र उर्फ गोगी और काला जठेड़ी जैसे कुख्यात गिरोहों के सदस्यों और उनके सहयोगियों के खिलाफ चलाया। पुलिस ने बताया कि इस अभियान का मुख्य मकसद इन गैंग्स की गतिविधियों को रोकना और उन पर लगाम लगाना है। इस अभियान में लगभग 400 पुलिसकर्मी शामिल रहे। इस दौरान गैंगस्टर्स के करीब दो दर्जन यानी 24 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की गई।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में सक्रिय ये गैंग्स लंबे समय से अपराध की दुनिया में अपनी पैठ बनाए हुए हैं, जिनकी जड़ें दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैली हुई हैं। इन गैंग्स के बीच अक्सर गैंगवार और आपसी रंजिश की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जो तिहाड़ जेल के अंदर भी हिंसा का रूप ले चुकी हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने विभिन्न थानों में एफआईआर भी दर्ज की हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय गैंगस्टर्स व्यापारियों, कारोबारियों से धन उगाही के साथ-साथ गैंगवार की वारदातों को लगातार अंजाम दे रहे हैं। यह गैंगस्टर्स अमीर लोगों से रंगदारी मांगते हैं। इसके अलावा क्षेत्र में अपना वर्चस्व कायम रखने के लिए आपस में गैंगवार की वारदातों को भी अंजाम देते हैं। इससे लोगों में भी भारी दहशत का माहौल बना हुआ है। दिल्ली पुलिस के इस ऑपरेशन को संगठित अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आगे की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि वे इस तरह के अभियानों को जारी रखेंगे ताकि अपराध पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके। दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने गैंगस्टर्स पर लगाम लगाने के लिए सख्त आदेश जारी किए हैं।
टिल्लू ताजपुरिया गैंग: इस गैंग का सरगना सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया था, जिसकी 2023 में तिहाड़ जेल में ही हत्या कर दी गई थी। इसके बावजूद, यह गैंग उगाही और गैंगवार की घटनाओं में सक्रिय है।
नीरज बवाना-राजेश बवाना गैंग: यह गैंग जेल से संचालित होता है और हत्या, डकैती और उगाही जैसे सैकड़ों मामलों में शामिल है। पिछले दिनों दिल्ली में हुई हत्या के एक मामले में इस गैंग का नाम सामने आया था।
जितेंद्र उर्फ गोगी गैंग: जितेंद्र उर्फ गोगी की 2021 में रोहिणी कोर्ट में हत्या के बाद इस गैंग ने अपना स्वरूप बदल लिया है, लेकिन अभी भी यह सक्रिय है। दिल्ली पुलिस ने अब इसके खिलाफ भी ऑपरेशन क्लीन शुरू किया है।
काला जठेड़ी गैंग: यह गैंग लॉरेंस बिश्नोई और अन्य गिरोहों के साथ मिलकर हथियारों की तस्करी जैसे अवैध कामों में लिप्त है। दिल्ली-एनसीआर की कई वारदातों में इस गैंग के संलिप्त होने की सूचनाएं सामने आई हैं।
Updated on:
18 Sep 2025, 12:10 PM IST
Published on:
18 Sep 2025, 12:10 PM IST
बड़ी खबरें
View Allनई दिल्ली
दिल्ली न्यूज़
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.