
एनडीए के नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसदों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को एनडीए के नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसदों से मुलाकात कर उन्हें संसदीय जीवन का “क्रैश कोर्स” दिया। संसद भवन में करीब एक घंटे तक चली परिचय बैठक में प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा कि “संसद भारत का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है। यहां सीखने, सुनने और खुद को लगातार बेहतर बनाने का अवसर है।” बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, संगठन महासचिव बी.एल. संतोष, वी सतीश के अलावा एनडीए के 36 नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद मौजूद थे।
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री ने सांसदों को नियमित उपस्थिति, अध्ययन और संसदीय परंपराओं को समझने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले छह महीनों में संसद की कार्यप्रणाली, समितियों, पुस्तकालय और अन्य सुविधाओं को अच्छी तरह समझें तथा संसद परिसर में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं और उनके योगदान को भी जानें। प्रधानमंत्री ने सांसदों को सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों की बात ध्यान से सुनने की सलाह देते हुए कहा कि संसद केवल भाषण देने का मंच नहीं, बल्कि समस्याओं और उनके समाधान खोजने का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक मंच है।
उन्होंने सांसदों को संयमित भाषा और गरिमापूर्ण आचरण अपनाने की नसीहत देते हुए कहा कि सदन की तल्खी को सदन के बाहर न ले जाएं और व्यक्तिगत संबंध हमेशा मधुर रखें। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सभी दलों के सांसदों से संवाद और अच्छे संबंध बनाए रखें।
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने सांसदों को दिल्ली की राजनीति के “मकड़जाल” से सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा कि जनता और अपने क्षेत्र से लगातार जुड़े रहें तथा जमीन से जुड़े रहने की भावना कभी नहीं छोड़ें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में रहकर भविष्य के भारत के लिए काम करें और हर निर्णय में विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखें। उन्होंने मुलाकातियों और लैटर पैड के गलत हाथों में नहीं पड़ने का ध्यान रखने की भी हिदायत दी।
युवाओं से जुड़ाव पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने सांसदों से “सांसद खेल स्पर्धा” जैसे गैर-राजनीतिक आयोजनों को बढ़ावा देने को कहा। उनका कहना था कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं। उन्होंने डिजिटल तकनीक और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग के लिए भी कहा।
बैठक के बाद भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को नई गति देने और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए सभी सांसद पूरी निष्ठा से कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वहीं, राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े ने अपने पोस्ट में इसे प्रेरणादायी मुलाकात बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने सांसद के दायित्व और संसद के माध्यम से जनसेवा के बारे में अपने अनुभव साझा किए। राजस्थान से राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया ने लिखा कि प्रधानमंत्री ने सांसदों को सादगी, नियमित उपस्थिति, अध्ययन, समितियों में सक्रिय भागीदारी, भाषा में संयम और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग के साथ युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जमीनी जिंदगी जिंदा रहनी चाहिए।
बैठक में आप से अलग हो कर राज्यसभा में भाजपा संसदीय दल में शामिल हुए राघव चड्ढा, हरभजन सिंह सहित आठ सांसद और टीएमसी से इस्तीफा देने के बाद भाजपा में शामिल हो कर फिर निर्वाचित हुए सुष्मिता देव व अन्य सांसद भी मौजूद रहे।
Updated on:
06 Aug 2026 11:21 am
Published on:
06 Aug 2026 11:21 am
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