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नोटबंदी पर पीएम को भी बुला सकती है लोकलेखा समिति

नोटबंदी पर रिजर्व बैंक के गवर्नर और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों का जवाब संतोषजनक नहीं होने पर संसदीय लोक लेखा समिति (पीएसी) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने समक्ष बुला सकती है।
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shiv shankar

Jan 09, 2017

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नई दिल्ली। नोटबंदी पर रिजर्व बैंक के गवर्नर और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों का जवाब संतोषजनक नहीं होने पर संसदीय लोक लेखा समिति (पीएसी) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने समक्ष बुला सकती है। पीएसी ने आरबीआई गवर्नर और वित्त मंत्रालय को नोटबंदी को लेकर 10 सवाल भेजी है।

समिति के समक्ष उपस्थित होंगे टॉप अधिकारी
नोटबंदी पर पीएसी ने 20 जनवरी को एक बैठक बुलाई है, जिसमें आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल, वित्त सचिव अशोक लवासा और आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास उपस्थित होंगे। पीएसी के अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता केवी थॉमस ने कहा, 'हमने जो सवाल उन्हें भेजे थे उनका अभी जवाब नहीं मिला है। वे 20 जनवरी की बैठक से कुछ दिन पहले जवाब भेजेंगे। जो जवाब मिलेंगे उन पर विस्तार से चर्चा होगी।'

पीएसी को पीएम को भी बुलाने का अधिकार
यह पूछे जाने पर कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुये तो क्या पीएसी प्रधानमंत्री को बुला सकती है, थॉमस ने कहा, 'इस मामले में समिति को किसी को भी बुलाने का अधिकार है। लेकिन, यह 20 जनवरी को होनेवाली बैठक के परिणाम पर निर्भर करेगा। अगर सभी सदस्य सर्वसम्मति से तय करते हैं तो हम नोटबंदी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को भी बुला सकते हैं।'

नोटबंदी से देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित
थॉमस ने कहा कि आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा, 'मैं उनसे मिला था। उन्होंने कहा था कि 50 दिन बाद दिसंबर के अंत तक स्थिति सामान्य हो जायेगी, लेकिन ऐसा नहीं दिखता है।' उन्होंने कहा कि इसलिए समिति ने जनवरी में नोटबंदी के फैसले की प्रक्रिया में शामिल टॉप अधिकारियों को अपने समक्ष बुलाया है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी ने देश की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव डाला है।

पीएम कर रहे हैं देश को भ्रमित
थॉमस ने कहा, 'प्रधानमंत्री ने अपने अहम की संतुष्टि के लिए देश को भ्रमित कर रहे हैं। वह अपने गलत निर्णय को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने 2,000 रुपये का नोट जारी कर बड़ी ही संवेदनहीनता के साथ यह कदम उठाया।' थॉमस ने नोटबंदी पर सवाल उठाते हुआ कहा, 'इस देश में जहां कॉल ड्रॉप की समस्या है और दूरसंचार सुविधाएं ठीक से नहीं चल रही हैं, प्रधानमंत्री यह कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि मोबाइल फोन पर ई-लेनदेन हो सकेगा। क्या हमारे पास इसके लिये उपयुक्त सुविधाएं मौजूद हैं?'

समिति द्वारा नोटबंदी पर भेजे गए सवाल
आरबीआई गवर्नर और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों को भेजे गए सवाल के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पीएसी ने नोटबंदी के हर पहलू को लेकर सवाल पूछे हैं। जो मुख्य सवाल पूछे गये हैं उनमें- नोटबंदी के फैसले में कौन शामिल थे?, नोटबंदी के बाद बैंकों में कितना पैसा जमा हुआ है? क्या ऐसा कोई कानून है जो लोगों को अपने ही रुपयों तक पहुंचने से रोक सकता है? नोटबंदी के बाद कितना पैसा डाला गया है? क्या इससे कालेधन की समस्या का समाधान हुआ? अर्थव्यवस्था और गरीब पर इसका क्या असर पड़ा?- आदि शामिल हैं।