25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ई-फार्मेसी के विरोध में 20 मई को देशभर की दवा दुकानें बंद: केमिस्ट एसोसिएशन का राष्ट्रव्यापी आह्वान; आपातकालीन सेवाएं रहेंगी चालू

Chemist Strike 20 May 2026: कोरोना महामारी के दौर में ऑनलाइन दवाओं की डिलीवरी यानी ई-फार्मेसी को दी गई ‘अस्थायी छूट’ के खिलाफ देशभर के दवा व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। इस छूट के अब तक जारी रहने और ऑनलाइन दवाओं की अनियंत्रित बिक्री के विरोध में 'ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स' (AIOCD) ने 20 मई 2026 को राष्ट्रव्यापी बंद का ऐलान किया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Imran Ansari

•

Updated: 18 May 2026, 12:39 PM IST

Chemist Strike 20 May 2026

AI से बनाया गया प्रतीकात्मक फोटो

Chemist Strike 20 May 2026: कोरोना महामारी के दौर में ऑनलाइन दवाओं की डिलीवरी यानी ई-फार्मेसी को दी गई ‘अस्थायी छूट’ के खिलाफ देशभर के दवा व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। इस छूट के अब तक जारी रहने और ऑनलाइन दवाओं की अनियंत्रित बिक्री के विरोध में 'ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स' (AIOCD) ने 20 मई 2026 को राष्ट्रव्यापी बंद का ऐलान किया है।

इस बड़े आंदोलन को 'दिल्ली रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन केमिस्ट अलायंस' (RDCA) वन दिल्ली ने भी अपना पूरा समर्थन दिया है। हालांकि, संगठन ने साफ किया है कि बंद के दौरान मरीजों की सहूलियत के लिए आपातकालीन दवा सेवाएं चौबीसों घंटे चालू रहेंगी।

महामारी खत्म, फिर 'अस्थायी छूट' क्यों?

आरडीसीए वन दिल्ली के अध्यक्ष संदीप नांगिया ने सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कोरोना संकट के समय मरीजों तक दवाओं की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए ई-फार्मेसी को एक अस्थायी व्यवस्था के तहत अनुमति दी गई थी। लेकिन महामारी खत्म होने के सालों बाद भी यह अस्थायी छूट लगातार जारी है।

नांगिया के अनुसार, इस ढील का फायदा उठाकर कई ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म बिना किसी सख्त नियमन और गाइडलाइंस के धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। यह अनियंत्रित ऑनलाइन बिक्री, अनुचित प्रेडेटरी प्राइसिंग (बाजार बिगाड़ने वाली कम कीमतें) और बिना पर्याप्त निगरानी के दवाओं का वितरण पारंपरिक केमिस्टों के साथ-साथ आम जनता की सेहत के लिए भी गंभीर चुनौती बन गया है।

ऑनलाइन दवा तंत्र में बड़ी अनियमितताओं का खुलासा

एसोसिएशन ने विभिन्न सरकारी एजेंसियों की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए ऑनलाइन दवा सप्लाई चेन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं । दरअसल, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2020 से मई 2025 के बीच 116 बड़े मामलों में 1.09 लाख किलोग्राम से अधिक नशीली दवाएं और प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए गए। पुलिस और एनसीबी की जांच में सामने आया है कि कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के नियंत्रित और नशीली दवाओं की अवैध बिक्री के लिए किया जा रहा है।

घटिया दवाओं की भरमार

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की रिपोर्ट्स बताती हैं कि ऑनलाइन और अनियंत्रित माध्यमों से बिकने वाली दवाओं के सैंपल लगातार फेल हो रहे हैं। अकेले जुलाई 2025 में ही जांच के दौरान 143 दवाओं के नमूने अधोमानक (सब-स्टैंडर्ड) पाए गए थे।

नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां, खत्म हो छूट

दवा व्यापारियों का कहना है कि सीडीएससीओ और ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) द्वारा बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद ये ऑनलाइन कंपनियां नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सख्त नियंत्रण और निगरानी की भारी कमी है। ऐसे में व्यापक राष्ट्रीय हित और देश के नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ई-फार्मेसी को मिली इस अस्थायी छूट को तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए।

मरीजों को नहीं होगी परेशानी

आरडीसीए वन दिल्ली ने आम जनता को आश्वस्त करते हुए कहा है कि उनका यह आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अनुशासित रहेगा। बंद के दौरान किसी भी मरीज को परेशानी न हो, इसके लिए आपातकालीन दवा काउंटर खुले रहेंगे और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं में कोई रुकावट नहीं आने दी जाएगी। संगठन ने दावा किया है कि बैकअप प्लान तैयार है और इस एक दिवसीय बंद के कारण देश में जरूरी दवाओं की कोई किल्लत नहीं होने दी जाएगी।

बड़ी खबरें

View All

नई दिल्ली

दिल्ली न्यूज़

ट्रेंडिंग