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डॉ विवेक बिंद्रा के शो पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताए अपने राजनीतिक और निजी जीवन के अनुभव

आफिस विजिट के बाद माननीय पीयूष गोयल ने डॉ विवेक बिंद्रा (Dr. Vivek Bindra) के साथ "बड़ा भारत शो" के दौरान अपने मन की बातों को खुलकर देशवासियों के सामने रखा।

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डॉ विवेक बिंद्रा के शो पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताए अपने राजनीतिक और निजी जीवन के अनुभव

डॉ विवेक बिंद्रा के शो पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताए अपने राजनीतिक और निजी जीवन के अनुभव

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) जो अभी देश के वाणिज्य और उद्योग मंत्री होने के साथ साथ टैक्सटाइल और कंज्यूमर अफेयर्स के डिपार्टमेंट को भी संभाल रहे हैं, वो हाल ही में मोटिवेशनल स्पीकर डॉ विवेक बिंद्रा के (Dr. Vivek Bindra) "बड़ा भारत शो" में नजर आए। डॉ विवेक बिंद्रा के साथ बैठकर उन्होंने अपने राजनैतिक जीवन की यात्रा के साथ साथ अपने निजी जीवन से जुड़ी कुछ खास बातों को भी सांझा किया। "बड़ा भारत शो" में अपने अनुभवों को सांझा करने से पहले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने डॉ विवेक बिंद्रा (Dr. Vivek Bindra) की कंपनी "बड़ा बिजनेस" में विजिट भी किया। जिसके साथ ही उन्होंने कंपनी के सभी एम्पलॉइज के साथ सीधे सीधे बातचीत भी की। वहां मौजूद युवाओं को उन्होंने देश के आने वाले बेहतरीन समय का एहसास दिलाया और लगातार बिजनेस के क्षेत्र में आगे बढ़ते रहने का हौंसला दिया। कहा भारत एक युवा देश है और आगे आने वाले तीस साल देश की कायापलट करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। जिसमें सबसे बड़ा योगदान युवा उद्यमियों का ही होगा।
देश की बेटियों की बात करते हुए भावुक हुए पीयूष गोयल
आफिस विजिट के बाद माननीय पीयूष गोयल ने डॉ विवेक बिंद्रा (Dr. Vivek Bindra) के साथ "बड़ा भारत शो" के दौरान अपने मन की बातों को खुलकर देशवासियों के सामने रखा। इस इंटरव्यू के दौरान उन्होंने सबसे पहले देश की बेटियों के विषय में बात की। उन्होंने कहा जिस तरह मैं अपनी बेटी को हमेशा खुश देखना चाहता हूं बिल्कुल वैसे ही मैं पूरे देश की बेटियों को भी खुश देखना चाहता हूं।
उन्होंने कहा यही विचार आज सरकार भी रखती है इसीलिए देश के हर घर में शौचालय बनवाने की मुहिम चलाई गई ताकि किसी भी बेटी को शौचालय की समस्या से ना गुजरना पड़े। हर घर गैस सिलेंडर की सुविधा को पहुंचाया गया ताकि किसी भी महिला को चूल्हे पर खाना ना पकाना पड़े। बेटियों को जब इन छोटी छोटी समस्याओं से निजात मिलेगी तभी वो देश के विकास में अपना योगदान दे सकेंगी।
(Dr. Vivek Bindra): क्या राजनैतिक परिवार से होने का मिला फायदा ?
आगे डॉ विवेक बिंद्रा (Dr. Vivek Bindra) ने पीयूष गोयल से पूछा कि क्या उनके माता पिता के राजनीति क्षेत्र में पहले से होने की वजह से उन्हें भी कोई फायदा मिला? इस सवाल के जवाब में पीयूष गोयल जी ने बिना किसी हिचकिचाहट के इस बात को कुबूल कर लिया कि परिवार के पहले से राजनीति में होने के कारण उन्हें बचपन से ही काफी कुछ सीखने और समझने का मौका मिला। जिसके कारण वो बचपन से ही बड़े बड़े नेताओं और हस्तियों के संपर्क में भी रहे।
लेकिन उन्होंने इस बात को भी स्पष्ट किया कि पार्टी में उन्हें उनका दर्जा उनकी परिवार की राजनीतिक विरासत की वजह से नहीं मिला। उन्होंने कहा मुझे बचपन से ही राजनीति में आने का शौक था और वो पूर्व प्रधानमंत्री माननीय अटल बिहारी वाजपेई जी से प्रेरित थे। उनके पिता ने भी उन्हें हमेशा खुद की मेहनत करके ही पद हासिल करने की सलाह दी। इसीलिए हमेशा से ही उन्होंने अपनी एक जगह बनाने की कोशिश की जिसके कारण वो सफल हुए।
बताया कैसे इतने सारे डिपार्टमेंट संभालते हुए खुद के लिए समय निकालते है?
केंद्रीय मंत्री के तौर पर माननीय पीयूष गोयल इस समय कई सारे डिपार्टमेंट्स को संभाल रहे हैं। इतना ही नहीं उन्हें उनके कार्यों में सबसे बेहतरीन भी माना जाता है। डॉ विवेक बिंद्रा ने उनसे सवाल किया कि इतने सारे काम को वो एक साथ कैसे संभाल पाते हैं?
इसके जवाब में पीयूष गोयल ने कहा कि वो अपने काम को करके और भी ज्यादा एनर्जेटिक महसूस करते हैं इसीलिए उन्हें कभी थकान नहीं होती। इतना ही नहीं काम करते करते वो बीच में खुद के लिए और परिवार के लिए भी समय निकाल लेते हैं। वो सुबह का समय अपने परिवार के साथ टीवी देखकर और अखबार पढ़कर बिताते हैं। साथ ही उनसे देश में चल रही चीज़ों पर फीडबैक भी लेते हैं।
पीयूष गोयल जी ने ये भी बताया कि अपने लिए समय निकाल कर हाल ही में उन्होंने गदर 2 फिल्म भी देखी है क्योंकि उन्हें गदर फिल्म का पहला पार्ट उन्हें काफी पसंद आया था। इसके अलावा शाम को घर लौटने के बाद भी वो करीब आधा घंटा कोई ना कोई ओटीटी शो देखने के लिए भी निकाल लेते हैं। उन्होंने कहा फिलहाल वो महाराष्ट्र में हुए तेलगी स्कैम पर बनी एक वेबसीरिज को देख रहे है। ये शोज देखने से उन्हें रिलैक्स करने के साथ साथ दुनिया से जुड़े रहने का मौका भी मिलता है।
अटल बिहारी वाजपेई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली में क्या फर्क है?
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई पीयूष गोयल जी की प्रेरणा रहे हैं, वहीं आज के समय पर वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने दोनों की कार्यशैली को देखा है इसीलिए डॉ विवेक बिंद्रा ने उनसे पूछा कि आपको दोनों की कार्यशैली में क्या अंतर नजर आया?

इसके जवाब में पीयूष गोयल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई के साथ उन्होंने एक कार्यकर्ता की तरह काम किया था। तब उन्होंने ये समझा कि वो हमेशा एक नर्म दिल कवि की तरह रहे, लेकिन देश को संभालने के लिए उन्होंने अपनी जान लगा दी। पीयूष गोयल जी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई जी लोगों को काम की जिम्मेदारी दे दिया करते थे और विश्वास रखते थे कि वो काम अच्छी तरह से होगा।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी जी के काम करने का तरीका कुछ अलग है। वो लोगों को काम की जिम्मेदारी तो देते ही हैं साथ ही उस काम को अच्छी तरह से किया जाए इस बात का भी पूरा ध्यान रखते हैं। उस कार्य को बेहतर बनाने के लिए वो अपने विचार और तरीकों को भी सामने रखते हैं।

भारत में स्टार्टअप्स की सक्सेस रेट कम क्यों हैं ?

इंटरव्यू के दौरान डॉ विवेक बिंद्रा ने पीयूष गोयल जी से सवाल किया कि यूके, ऑस्ट्रेलिया और इज़राइल में स्टार्टअप्स का सक्सेस रेट अच्छा है लेकिन भारत इस मामले में बहुत पीछे है। भारत के दस प्रतिशत स्टार्टअप भी सक्सेसफुल नहीं होते हैं इसके पीछे क्या कारण है?

इस सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यूके, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और इज़राइल विकसित देश हैं, और इन सभी देशों की इकोनॉमी भारत से कहीं ज्यादा है। वहां पर काफी कम लोग ही स्टार्टअप शुरू करते हैं, और जो भी स्टार्टअप शुरू होते है उन्हें एक अच्छा एक्सपोजर मिलता है क्योंकि उनका देश विकसित है।

लेकिन भारत की इकोनॉमी काफी कम है और पॉप्युलेशन कहीं ज्यादा है। इसी वजह से स्टार्टअप सफल होने में काफी प्रॉब्लम आती है। लेकिन सरकार ने "स्टार्टअप इंडिया" प्रोग्राम के तहत इन स्टार्टअप को सफल बनाने की कोशिश की जा रही है।