
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने सांसदों और मंत्रियों के साथ गुरुवार को उपवास पर हैं। पीएम मोदी विपक्ष के अलोकतांत्रिक रवैये के खिलाफ यह उपवास कर रहे हैं। लेकिन, यह पहला मौका नहीं है जब मोदी उपवास पर हैं। पीएम ने इससे पहले बतौर गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए दो बार सद्भावना उपवास रखा था।
इससे पहले दो बार उपवास रख चुके हैं नरेन्द्र मोदी
नरेन्द्र मोदी ने साल 2011 में बतौर मुख्यमंत्री रहते हुए गोधरा दंगों पर शांति के लिए तकरीबन 72 घंटे का सद्भावना उपवास रखा था। लेकिन, इस दौरान सबसे आश्चर्य की बात यह रही थी कि नरेन्द्र मोदी के उपवास के जवाब में कांग्रेस ने भी उपवास रखने का ऐलान कर दिया था। इतना ही नहीं साल 2012 में एक बार फिर नरेन्द्र मोदी ने उपवास रखा। यह उपवास भी सद्भावना उपवास था। हालांकि, यह उपवास मोदी ने गोधरा शहर में रखा था और तत्कालीन राजनीति के हालातों पर खूब चिंता जताई थी।
पीएम के साथ-साथ यह नेता भी अलग-अलग शहरों में रख रहे हैं उपवास
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद तो उपवास पर हैं हीं, लेकिन कई सांसद और मंत्री भी उनके साथ उपवास कर रहे हैं। इनमें रविशंकर प्रसाद पटना में, राधामोहन सिंह मोतिहारी में, निर्मला सीतारमन चेन्नई में, महेश शर्मा नोएडा में, जेपी नड्डा वाराणसी में और प्रकाश जावड़ेकर बेंगलुरु में, उपवास पर हैं। इसके अलावा देश की राजधानी दिल्ली में सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह , मेनका गांधी , मीनाक्षी लेखी, स्मृति ईरानी , धर्मेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल, सुरेश प्रभु आदि समेत कई नेता उपवास पर हैं।
हाल ही में कांग्रेस के नेताओं ने रखा था उपवास
गौरतलब है कि दलितों के साथ हो रही हिंसा के विरोध में कांग्रेस ने बीते सोमवार को देशव्यापी उपवास रखा था। इसका हिस्सा बनने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष से लेकर पार्टी के कई दिग्गज नेता दिल्ली के राजघाट में एकत्रित हुए थे।
Updated on:
12 Apr 2018 03:12 pm
Published on:
12 Apr 2018 03:07 pm
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