
PMO के फर्जी पहचान पत्र पर नकली लेफ्टिनेंट कर्नल ने सेना भवन में घुसने का किया प्रयास, मचा हड़कंप
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में स्थित अहम सरकारी संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल पीएमओ के फर्जी प्रमाण पत्र पर एक नकली लेफ्टिनेंट कर्नल, उसकी पत्नी व अन्य दो युवकों ने शुक्रवार की शाम को सेना भवन में घुसने का प्रयास किया। इसके बाद चारो तरफ हड़कंप मच गया। हालांकि पुलिस ने मामले को तुरंत सुलझा लिया और चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने इन लोगों के पास से फर्जी आईडी कार्ड व कुछ दस्तावेज बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि ये चारों गाजियाबाद के रहने वाले हैं।
आरोपी खुद को खुफिया एजेंसी का कर्मचारी बता रहा था
आपको बता दें कि जैसे ही खुफिया ऐजेंसी को यह बात पता चली फौरन हरकत में आ गई। शुरुआती पूछताछ से ऐसा लगा कि ये लोग नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह लग रहे हैं। हालांकि अब इस मामले को लेकर नेशनल इनवेस्टिगेटिव एजेंसी (एनआइए), स्पेशल सेल व केंद्रीय खुफिया इकाइयां पूछताछ कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक खुद को खुफिया एजेंसी का कर्मचारी बता रहा था। जब सुरक्षाकर्मियों ने उनका आईडी कार्ड देखा तो शक हुआ जिसके बाद उनसे पूछताछ की जाने लगी। इस दौरान वे सही-सही जवान नहीं दे पाए तब उच्च अधिकारियों को फौरन सूचित किया गया। इसके बाद मौके पर पहुंची साउथ एवेन्यू थाना पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया।
गाजियाबाद के रहने वाले हैं आरोपी
आपको बता दें कि शुरुआती जांच में अभी तक पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले हैं। एक की पहचान अमित शर्मा के रुप में हुई है। आरोपी अमित शर्मा इससे पहले भी कई सरकारी कार्यालयों में घुस चुका है। जांच मे पता चला है कि आरोपी अमित शर्मा नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करता है। जांच में सबसे बड़ी बात सामने आई कि अमित शर्मा के साथ आए संदीप ने आरोप लगाते हुए बताया कि नौकरी लगवाने के नाम पर उसने अमित को करीब ढ़ाई लाख रुपए दिए है। बता दें कि इस मामले को लेकर साउथ एवेन्यू पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
कब घटी घटना
आपको बता दें कि शुक्रवार की शाम करीब 5 बजे एक गाड़ी जबरन सेना भवन में घुसने का प्रयास कर रही थी कि तभी वहां पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने गोड़ी को रोका और फिर पूछताछ करने लगी। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि गाड़ी में लेफ्टिनेंट कर्नल अभिमन्यु शर्मा बैठे हैं। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने कथित लेफ्टिनेंट कर्नल से पहचान पत्र दिखाने के लिए कहा तो उसने पीएमओ का कार्ड सुरक्षाकर्मियों को दिया। जब सुरक्षाकर्मियों को शक हुआ तो कुछ और सवाल पूछने लगे। इस पर उनसभी की पोल खुल गई। इसके बाद गाड़ी में बैठे ड्राइवर सोनी, संदीप, हरजिंदर कौर और खुद को लेफ्टिनेंट कर्नल अभिमन्यु शर्मा बताने वाले शख्स को हिरासत में ले लिया।
Published on:
21 Jul 2018 12:13 pm
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