
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की सभा ने पार्टी को मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव के लिए राह दिखा दी है। कर्नाटक की तरह मध्यप्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पूरी तरह से स्थानीय मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी। मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार की नाकामी, भ्रष्टाचार को बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है। जबकि कांग्रेस अपने गारंटी कार्यक्रमों की बात को भी घर-घर तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
प्रियंका का शहीद स्मारक पर हुआ भाषण पूरी तरह से मध्यप्रदेश, महाकोशल व जबलपुर के इर्द-गिर्द रहा। इसके साथ ही उन्होंने धर्म व संस्कार की बात कर पार्टी का नेरेटिव जनता के बीच रख दिया। कांग्रेस के इस नेरेटिव को धार देने के लिए चुनावी रणनीतिकार सुनील कानुगोलू सक्रिय हो चुके हैं। भोपाल में उन्होंने करीब 40 लोगों की टीम नियुक्त कर दी है, जबकि जिलों में नियुक्तियों का दौर चल रहा है। पार्टी नेतृत्व की ओर से नेताओं को हिदायत दी जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व राष्ट्रीय मुद्दों पर टिप्पणी करने से बचे। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि मध्यप्रदेश का चुनाव शिवराज सरकार की विफलताओं, भ्रष्टाचार के साथ गारंटी कार्यक्रमों पर लड़ा जाए। प्रियंका ने यह संदेश अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं तक पहुंचाया भी है।
सभा का लोगों में दिखा असर
प्रियंका की सभा के कुछ घंटे बाद सोमवार रात जबलपुर के महाराणा प्रताप चौक पर युवाओं का एक समूह प्रियंका के भाषण पर बहस करते मिला। नवीन कुमार का कहना था कि शिवराज सरकार ने युवाओं के लिए कुछ नहीं किया है। प्रियंका के आरोप सही है। जबकि अंकित गुप्ता कहने लगे, महिलाओं के खाते में पैसे दिए जा रहे हैं। इसी तरह मदन महल इलाके में पान की दुकान चलाने वाले नीरज साहू ने कहा कि प्रियंका की सभा का असर हो सकता है, क्योंकि उन्होंने धर्म-श्रद्धा की बात की है।
Published on:
13 Jun 2023 07:15 pm
बड़ी खबरें
View Allनई दिल्ली
दिल्ली न्यूज़
ट्रेंडिंग
