
पंजाब में एक चुनावी सभा को संबोधित करते गृहमंत्री अमित शाह।
नवनीत मिश्र
नई दिल्ली। पंजाब में करीब 24 साल बाद अकाली दल की छाया से मुक्त होकर पहली बार भाजपा किसी गठबंधन में बड़ी भूमिका में चुनाव लड़ रही है। पंजाब में भाजपा की कोशिश 2022 के इस विधानसभा चुनाव में किंगमेकर बनकर 2024 के लिए मजबूत नींव तैयार करने की है। पिछले कई चुनावों में अकाली दल गठबंधन में मामूली सीटों पर चुनाव लडने से भाजपा को इस बड़े राज्य में विस्तार करने का मनचाहा मौका नहीं मिल सका। भाजपा नेताओं का कहना है कि पहली बार 65 सीटों पर चुनाव लड़ने के निर्णय से राज्य भर में काडर में उत्साह है। यही वजह है कि पूरे प्रदेश से इस बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए चार हजार से अधिक कार्यकर्ताओं ने आवेदन किया था। भाजपा का मकसद 2007 के प्रदर्शन को दोहराने और वोट शेयर बढ़ाने का है।
भाजपा का अब तक प्रदर्शन
भाजपा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस और सुखदेव सिंह ढींढसा की पार्टी संयुक्त अकाली दल के साथ गठबंधन कर पंजाब में चुनाव लड़ रही है। 65 सीटों पर भाजपा, 37 सीटों पर कैप्टन और 15 सीटों पर ढींढसा की पार्टी के उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। पंजाब में वर्ष 1997 से शिरोमणि अकाली दल के साथ भाजपा चुनाव लड़ती आई है। शिरोमणि अकाली दल गठबंधन के साथ भाजपा का सबसे अच्छा प्रदर्शन अब तक 2007 में रहा था, जब पार्टी को 19 सीटें मिलीं थीं। 2002 में भाजपा को 3, 2007 में 19, 2012 में 12 और 2007 में सिर्फ तीन सीट हासिल हुई थी। कृषि कानूनों के मुद्दे पर 2020 में अकाली दल के एनडीए से अलग हो जाने के बाद भाजपा को कैप्टन और ढींढसा के रूप में नए गठबंधन सहयोगी तलाशकर चुनाव में उतरना पड़ा है।
शहरी और हिंदू बेल्ट में उम्मीद की किरण
सतलुज तथा ब्यास नदियों के बीच बसे दोआबा बेल्ट में हिंदुओं की आबादी अधिक है। भाजपा ने हिंदुओं की बहुलता वाली सीटों पर खास फोकस किया है। 75.67 प्रतिशत हिंदू आबादी वाले होशियारपुर जिले की सीटों पर भाजपा नेताओं को सफलता मिलने की उम्मीद है। भाजपा नेताओं का कहना है कि होशियारपुर शहरी, दसुआ, टांडा उड़मुड़, मुकेरियां, गढ़शंकर जैसी सीटों पर उनके उम्मीदवार कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं।
जालंधर, नवांशहर और कपूरथला, अमृतसर, पटियाला, पठानकोट, लुधियाना, मोहाली जैसे शहरी इलाकों में हिंदुओं की अच्छी संख्या होने पर भाजपा अपनी स्थिति मजबूत देख रही है। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के फरलो पर जेल से बाहर आने के बाद उनके समर्थकों के रुख पर भी सबकी निगाहें हैं।
इन फैसलों को भुनाने की कोशिश में भाजपा
कृषि कानूनों की वापसी
साहिबज़ादों की शहादत को याद करने के लिए, 26 दिसंबर को 'वीर बाल दिवस' घोषित
14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस घोषित
करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण
सिख दंगों की जांच के लिए एसआईटी का गठन
2017 विधानसभा चुनाव का हाल
पार्टी सीट वोट शेयर
कांग्रेस 77 38.5
आप 20 23.7
अकाली दल 15 25.2
भाजपा 3 5.4
2012
अकाली दल 56 34.73
कांग्रेस 46 40.09
भाजपा 12 7.18
2007
अकाली दल 48 37.09
कांग्रेस 44 40.90
भाजपा 19 8.28
2002
कांग्रेस 62 35.81
अकाली दल 41 31.08
भाजपा 3 5.67
Published on:
18 Feb 2022 12:31 pm
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