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पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू, राजनीतिक फैसलों के लिए पंजाब के कैप्टन ने बनाई कमेटी

पंजाब में साल 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव (punjab assembly election 2022)की तैयारियां तेज हो गई हैं। ऐसे में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमंरिदर सिंह (punjab cm captain amarinder singh) ने राजनीतिक मामलों पर फैसला और राजनीतिक समस्याओं के समाधान करने के लिए 4 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।

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पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह

पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह

नई दिल्ली। पंजाब में साल 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव (punjab assembly election 2022)
की तैयारियां तेज हो गई हैं। ऐसे में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमंरिदर सिंह (punjab cm captain amarinder singh) ने राजनीतिक मामलों पर फैसला और राजनीतिक समस्याओं के समाधान करने के लिए 4 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। जानकारी के मुताबिक पंजाब सीएम ने इस कमेटी की कमान मंडी बोर्ड के चेयरमैन लाल सिंह (lal singh) को सौंपी है। यह कमेटी मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर रहेगी और राजनीतिक समस्याओं का हल निकालेगी।

चुनाव से पहले यह कदम काफी अहम

पंजाब कांग्रेस में आतंरिक कलह और विधानसभा चुनाव (punjab assembly election) से पहले इस कमेटी का गठन काफी अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री के साथ भले ही 15 सलाहकार और ओएसडी जुड़े हुए हों, लेकिन इनमें से कोई भी राजनीति पृष्ठभूमि से नहीं है। शायद यही वजह है कि पार्टी कार्यकर्ताओं और विधायकों की हमेशा से शिकायत रहती है कि उनकी शिकायतें सीएम तक नहीं पहुंच पाती हैं। कांग्रेस का अंतरकलह को सुलझाने के लिए पार्टी हाईकमान द्वारा बनाई गई कमेटी के समक्ष भी यह मुद्दा निकलकर सामने आया था।

4 सदस्यीय कमेटी में ये लोग शामिल

बताया गया कि लुधियाना सेंट्रल के विधायक सुरेंदर डाबर, चब्बेवाल के विधायक डॉ. राजकुमार चब्बेवाल और फरीदकोट के विधायक कुशलदीप ढिल्लों इस कमेटी के सदस्य होंगे। खास बात यह है कि कमेटी के गठन के साथ कुशलदीप ढिल्लों की कैप्टन कैंप में वापसी हो गई है। जानकारी के मुताबिक बीते कई दिनों से कुशलदीप ढिल्लों के मुख्यमंत्री से नाराज होने की खबरें सामने आ रही थीं। इसी वजह से वे कांग्रेस के प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू के साथ चल रहे थे।

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राजनीतिक जानकारों का ये भी कहना है कि इसकी वजह सिद्धू से मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनने की रेस में पीछे न रह जाने का डर भी है। बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा कांग्रेस भवन में सप्ताह में पांच दिन एक मंत्री के बैठने का कार्यक्रम शुरू किया था। जिसमें बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं। यही वजह है कि इस कमेटी की कमान लाल सिंह के हाथों में इसलिए भी सौंपी गई है, क्योंकि वह न सिर्फ पूर्व मंत्री हैं, बल्कि कांग्रेस का कार्यकारी प्रधान भी रह चुके है। वहीं, राज्य में चाहे विधानसभा चुनाव हो या निकाय चुनाव या फिर पंचायत चुनाव लाल सिंह को राजनीति मामलों का खासा अनुभव है।