
बेटी से गले मिल कोर्ट परिसर में फूट-फूटकर रो पड़े पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा
Sanjeev Arora Money Laundering: करोड़ो रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में घिरे पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा को सोमवार को विशेष अदालत ने बड़ा झटका देते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में उनकी अगली पेशी 1 जून को स्पेशल कोर्ट में होगी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की दो दिनों की बढ़ी हुई रिमांड अवधि खत्म होने के बाद सोमवार को उन्हें गुरुग्राम की विशेष अदालत में पेश किया गया था। इससे पहले 16 मई को उनकी 7 दिनों की शुरुआती हिरासत पूरी होने पर कोर्ट ने ईडी को 2 दिन की अतिरिक्त रिमांड सौंपी थी।
इस पूरी कानूनी प्रक्रिया के बीच गुरुग्राम कोर्ट परिसर से बेहद भावुक कर देने वाली तस्वीरें सामने आईं। पेशी के दौरान जब संजीव अरोड़ा का सामना उनके परिवार से हुआ, तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। अपनी बेटी को सामने देखकर बिजनेसमैन से नेता बने संजीव अरोड़ा खुद पर काबू नहीं रख पाए और उसे गले लगाकर कोर्ट परिसर में ही फूट-फूटकर रो पड़े। पिता और बेटी को इस तरह बिलखता देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। इस दौरान अरोड़ा की पत्नी भी उनके साथ खड़ी थीं, जो अपने पति की यह हालत देखकर खुद के आंसू नहीं रोक सकीं और रोती रहीं। काफी देर तक पूरा परिवार एक-दूसरे को ढांढस बंधाते हुए अदालत परिसर में ही रोता बिलखता नजर आया।
एक तरफ जहां संजीव अरोड़ा कोर्ट में आंसुओं से घिरे नजर आए, वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी (AAP) के शीर्ष नेतृत्व ने उनके पक्ष में मजबूती से आवाज उठाई है। 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर संजीव अरोड़ा की बहादुरी की तारीफ करते हुए लिखा 'संजीव जी, आप बहादुर हो। देशभक्त हो। पूरे पंजाब को आप पर गर्व है।'
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अदालत को बताया कि यह पूरा मामला गुरुग्राम की कंपनी 'हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड' (HSRL) और उससे जुड़ी सहयोगी कंपनियों के वित्तीय घोटालों से जुड़ा है। संजीव अरोड़ा इस कंपनी में निदेशक (Director) और बड़े शेयरधारक हैं। ईडी का दावा है कि संजीव अरोड़ा और उनके परिवार के सदस्य ही इस कंपनी के 'वास्तविक मालिक और कंट्रोलर' हैं।
फर्जी बिलों का खेल कंपनी ने वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान घरेलू और विदेशी बाजारों में ₹157.12 करोड़ के मोबाइल फोन बेचने का दावा किया। ईडी का आरोप है कि मोबाइल फोन की यह खरीद-बिक्री पूरी तरह झूठी और दिखावटी थी। इसे सच दिखाने के लिए दिल्ली-एनसीआर की ऐसी फर्जी कंपनियों के नाम पर जाली बिल तैयार किए गए, जिनका हकीकत में कोई वजूद ही नहीं था।
शेल कंपनियों का अंतरराष्ट्रीय जाल: जांच एजेंसी के अनुसार, इस हेरफेर के जरिए करीब ₹102.50 करोड़ की भारी-भरकम रकम को पहले संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की दो शेल (फर्जी) कंपनियों में भेजा गया। इसके बाद इस पैसे को वापस भारत लाकर ऐसा दिखाया गया जैसे यह कोई वैध विदेशी निवेश (Investment) हो। ईडी का दावा है कि इस मनी लॉन्ड्रिंग को अंजाम देने के लिए कंपनी के डायरेक्टरों और कर्मचारियों ने मिलकर शेल कंपनियों का एक पूरा मकड़जाल बुना था, जिसके कर्ता-धर्ता खुद संजीव अरोड़ा थे।
Published on:
18 May 2026 04:40 pm
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