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संसद में गूंजे माफी मांगे राहुल और अडानी-मोदी भाई-भाई के नारे

- दोनों सदनों में जमकर हुआ हंगामा

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बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले ही दिन सोमवार को संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ। जहां सत्ताधारी भाजपा नेताओं ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के विदेश में दिए बयानों पर माफी मांगने के लिए कहा। साथ ही इसको लेकर जमकर नारेबाजी भी की। वहीं इसके जवाब में विपक्षी सांसद वेल में आए और मोदी-अडानी भाई-भाई के नारे लगाए। साथ ही विपक्षी दलों ने अडानी मामले में जेपीसी की मांग और सीबीआई-ईडी के दुरुपयोग के विरोध में दोनों सदनों के वेल में प्रदर्शन किया।

राज्यसभा: गोयल-खरगे में वार-पलटवार

राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि बड़े ही शर्मनाक तरीके से लोकसभा के एक विपक्षी सांसद दूसरे देश में जाकर भारत के लोकतंत्र को लेकर अनाप-शनाप बातें कर रहे हैं। संसद, सेना, प्रेस, सिक्योरिटी एजेंसी, चुनाव आयोग को लेकर गलत बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है. लोकतंत्र क्या है, ये उन्हें समझने की जरूरत है। गोयल ने जब पूरी दुनिया में भारत के लोकतंत्र का गुणगान हो रहा है, तब विपक्ष ने गलत छवि पेश करने की रणनीति तय कर ली है। उन्होंने कहा कि जब इमरजेंसी लगाई गई थी, तब लोकतंत्र पर हमला हुआ था। उन्होंने कहा कि एक नेता सरकार के कानून की प्रति मीडिया के सामने फाड़ देते हैं, तब लोकतंत्र खतरे में था। उन्होंने कहा कि सांसद (राहुल) को हर देशवासी से माफी मांगनी चाहिए।

मोदी के पुराने भाषणों का हवाला देकर जवाब

कांग्रेस अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि जो नेता इस सदन का सदस्य नहीं है, उसको लेकर टीका-टिप्पणी करना ठीक नहीं है। उन्होंने पाइंट ऑफ आर्डर का मुद्दा उठाते हुए गोयल के बयान की निंदा की और कहा कि इस बयान को कार्यवाही से हटाया जाना चाहिए। खरगे ने कहा कि यहां क्या चल रहा है, पूरी दुनिया जानती है। जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चीन में जाकर कहते हैं कि हिंदुस्तान में लोकतंत्र नहीं है तो सही है। कार्यवाही स्थगित होने के बाद खरगे ने मीडिया से कहा कि राहुल गांधी के भाषण को तोड़-मरोड़ को पेश किया जा रहा है। खुद तो लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं और यहां बचाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने हंगामे को अडानी मुद्दे पर जेपीसी की मांग से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।

राहुल ने पहुंचाई लोकतंत्र को गहरी चोट

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी जो इसी सदन के सांसद हैं, उन्होंने लंदन में जाकर भारत को बदनाम करने की कोशिश की है। राहुल ने लंदन में भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था तहस-नहस होने और विदेशी ताकतों को आकर भारत में लोकतंत्र को बचाने का बयान देकर देश का अपमान किया। सिंह ने कहा कि राहुल ने भारत की गरिमा और लोकतंत्र को गहरी चोट पहुंचाने की कोशिश की है। इसलिए उनके बयान की निंदा की जानी चाहिए। साथ ही राहुल गांधी को संसद में आकर माफी मांगने के निर्देश दिए जाने चाहिए।

थोड़ी शर्म बची है तो सदन में आकर मांगे माफी

संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि हम आलोचना स्वीकार करते हैं, लेकिन बाहर जाकर कोई दूसरे देशों से हस्तक्षेप की मांग करता है तो हम इसकी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकसभा में बोले तो उनका माइक पूरे समय चालू रहा। राहुल में थोड़ी भी शर्म बची है तो उन्हें सदन में आकर माफी मांगनी चाहिए।

पहली बार सत्ता पक्ष नहीं चलने दे रहा सदन

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने सदन में कहा कि मुझे भी संसद में 45 साल हो गए हैं। पहली बार ऐसा हो रहा है जबकि सत्ता पक्ष सदन नहीं चलने दे रहा है। सत्ता पक्ष की सदन चलने देने की जिम्मेदारी होती है।