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26 जनवरी की परेड के लिए बंगाल, केरल और तमिलनाडु की झांकियां क्यों हुईं खारिज? केंद्र ने दिया जवाब

केंद्र सरकार ने इस बार 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड के लिए पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु की झांकियों को खारिज किए जाने पर उठे सवालों का जवाब दिया है। केंद्र ने कहा है कि झांकियों के चयन में सरकार की कोई भूमिका नहीं होती। एक्सपर्ट कमेटी ने विभिन्न मानकों और समय के आधार पर झांकियों का चयन किया है। जिन राज्यों की झांकियां इस बार खारिज हुई हैं, उन्हीं राज्यों की झांकियां पूर्व में सलेक्ट हो चुकीं हैं। इसलिए राज्यों संग भेदभाव के आरोप बेबुनियाद हैं।

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Centre Rejects West Bengal's Tableau Proposal For Republic Day Parade

Centre Rejects West Bengal's Tableau Proposal For Republic Day Parade

नवनीत मिश्र
नई दिल्ली। राजधानी में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड के लिए पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु की झांकियों को खारिज किए जाने पर मचे राजनीतिक घमासान के बीच केंद्र सरकार के गलियारों से प्रतिक्रिया आई है। मुख्यमंत्रियों की ओर से इसे राज्य के अपमान से जोड़ने को केंद्र सरकार ने गलत परंप दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। इस मुद्दे पर तेज हुई राजनीति के बीच केंद्र ने सफाई में कहा है कि चयन में सरकार की कोई भूमिका नहीं होती। कला, संस्कृति, मूर्तिकला, संगीत, वास्तुकला, नृत्यकला आदि क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोगों की एक्सपर्ट कमेटी ही झांकियों का चयन करती है। इसी कमेटी ने कुछ मानकों के आधार पर संबंधित राज्यों की झांकियों को इस बार खारिज किया। केंद्र ने मुख्यमंत्रियों की बयानबाजी को देश के संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचाने वाला करार दिया है। केंद्र ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों पर कहा है कि सीपीडब्ल्यूडी की ओर से नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर आधारित झांकी पहले ही चुनी जा चुकी है। ऐसे में बंगाल सरकार की झांकी खारिज होने को नेताजी के अपमान से जोड़ना गलत है।


कुल 56 प्रस्ताव आए थे
केंद्र सरकार के सूत्रों ने पत्रिका को बताया कि गणतंत्र दिवस परेड 2022 के लिए राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों से कुल 56 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें से 21 प्रस्तावों को चुना गया। इस प्रकार कुल 35 प्रस्ताव खारिज हुए। सूत्रों ने बताया कि समय की कमी को देखते हुए अधिक संख्या में झांकियों को नहीं चुना जा सकता। निर्धारित समय के हिसाब से ही झांकियों की संख्या चयन होता है। सूत्रों ने कहा कि राज्यों के मुख्यमंत्रियों को सवाल उठाते समय तथ्यों पर ध्यान देना चाहिए।


राज्यों के साथ नहीं हुआ भेदभाव
केंद्र सरकार के सूत्रों ने पत्रिका को बताया कि जिन मानकों के आधार पर बंगाल, केरल और तमिलनाडु की झांकियों को इस वर्ष परेड के लिए नहीं चुना गया, उन्हीं मानकों और प्रक्रिया से गुजरकर पूर्व में संबंधित राज्यों की झांकियों को प्रदर्शन के लिए हरी झंडी मिली थी। मिसाल के तौर पर केरल की झांकी को वर्ष 2018 और वर्ष 2021 में चुना गया था। इसी तरह तमिलनाडु की झांकियों के प्रस्तावों को वर्ष 2016, 2017, 2019, 2020 और 2021 में चुना गया। 2016, 2017, 2019 और 2021 में इसी प्रक्रिया के तहत पश्चिम बंगाल की झांकी परेड के लिए चयनित हुई थी। इस प्रकार वर्तमान सरकार में राज्य की झांकियों के साथ भेदभाव की बात गलत है।


चयन के मानक
1- थीम
2- कान्सेप्ट
3-डिजाइन
4-विजुअल इफेक्ट

खारिज हुई झांकियों की थीम

बंगाल ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर झांकी तैयार की थी

केरल सरकार ने समाज सुधारक नारायण गुरु पर बनाई थी

तमिलनाडु सरकार ने राज्य के स्वतंत्रता सेनानियों पर केंद्रित झांकी तैयार की थी