
पहली बार राजद भी जेएनयू छात्र संघ का लड़ेगा चुनाव, जयंत जिज्ञासु पर लगाया दांव
नई दिल्ली : लालू यादव के जमानत की अवधि अंतिम अगस्त में खत्म हो गई थी और वह एक बार फिर जेल चले गए हैं। फिलहाल अनौपचारिक रूप से पार्टी की कमान उनके छोटे बेटे और बिहार के उप मुख्यमंत्री रह चुके तेजस्वी यादव के पास है। बिहार में हुए उपचुनावों में वह पार्टी को जीत दिला चुके हैं। वह बिहार में पार्टी के विस्तार के लिए अलग-अलग जिलों में घूम कर कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं और उनका हौसला बढ़ा रहे हैं और उनके साथ मीटिंग कर रहे हैं। यह सारी स्ट्रेटजी वह 2019 के लोकसभा और 2020 के विधानसभा चुनाव में बिहार के हर क्षेत्र में अपना जनाधार बढ़ाने के लिए अपना रहे हैं। इसके साथ ही उनकी नजर राज्य के बाहर भी पार्टी के विस्तार पर है। इसके लिए वह युवा नेताओं को प्रमोट कर उन्हें आगे बढ़ा रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने दिल्ली के जेएनयू चुनाव में भाग लेने का मन बनाया है। इसके लिए उन्होंने अपनी पार्टी से अध्यक्ष पद के लिए जयंत जिज्ञासु पर दांव लगाया है। बता दें कि 14 सितम्बर को जेएनयू छात्र संघ का चुनाव होने वाला है। इस चुनाव में वाम संगठन आइसा, एआइएसएफ, एसएफआई जैसे वाम संगठन के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की योजना है। इसमें इस बार एबीवीपी, आप के साथ एक कोण राजद का भी होगा।
कन्हैया के साथी थे जयंत
बता दें कि राजद पहली बार जेएनयू में चुनाव लड़ने जा रहा है। अध्यक्ष पद के लिए जिस जयंत जिज्ञासु पर उन्होंने दांव लगाया है, वह पहले कन्हैया के साथी थे। बाद में उनमें और कन्हैया में मतभेद हो गए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मुश्किल घड़ी में कन्हैया ने उनका साथ छोड़ दिया। कन्हैया जातिवादी राजनीति कर रहे हैं और पार्टी तथा संगठन को कमजोर कर खुद को प्रोजेक्ट करने में लगे हैं। बता दें कि कन्हैया के कार्यकाल में जयंत संगठन के जेएनयू सचिव थे। बता दें कि राजद का दामन थामने से पहले जयंत करीब तीन साल तक एआइएसएफ में रह चुके हैं।
कुछ माह पहले ही तेजस्वी से मिले
कुछ माह पहले ही आरजेडी के कुछ युवा नेताओं ने जयंत की मुलाकात तेजस्वी से करवाई थी। उसी के बाद तेजस्वी ने तय किया कि वह अपनी पार्टी का विस्तार दिल्ली में भी करेंगे। इसके लिए उन्होंने जेएनयू का रास्ता अख्तियार किया है। ऐसा पहली बार होगा कि राजद जेएनयू चुनाव में अपना प्रत्याशी उतारेगी। ऐसा वह अपने साथ दिल्ली के युवाओं को जोड़ने के लिए कर रहे हैं, ताकि जेएनयू के जरिये अपनी पार्टी का विस्तार दिल्ली में किया जा सके।
Published on:
7 Sep 2018, 6:40 PM IST
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