
Salim Vastik:गाजियाबाद के लोनी में कट्टरपंथ का खौफनाक चेहरा सामने आया है, जहां एक्स मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर उनके ऑफिस में घुसकर दो नकाबपोशों ने चाकुओं से जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने उनके गर्दन और पेट पर ताबड़तोड़ वार किए, जिसके बाद गंभीर हालत में उन्हें दिल्ली के GTB अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले में सलीम के बेटे ने AIMIM नेता अजगर और भाटी बिल्डर समेत 5 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। बताया जा रहा है कि सलीम अक्सर सोशल मीडिया पर इस्लाम और हलाला जैसी कुरीतियों के खिलाफ बेबाकी से अपनी राय रखते थे, जिसे इस खूनी हमले की मुख्य वजह माना जा रहा है।
शुक्रवार की वो सुबह लोनी की अली गार्डन कॉलोनी के लिए रोज की तरह आम दिन जैसी ही थी, लेकिन सलीम वास्तिक के दफ्तर में जो हुआ, उसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। दो अनजान बाइक सवार, चेहरे पर नकाब और हाथों में धारदार खंजर… हमलावर आए और पलक झपकते ही यूट्यूबर सलीम वास्तिक के गले और पेट को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। खून से लथपथ सलीम जमीन पर गिर पड़े और हमलावर फरार हो गए। फिलहाल सलीम दिल्ली के GTB अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। उनके गले का ऑपरेशन हो चुका है, लेकिन पेट के घाव इतने गहरे हैं कि आज फिर एक बड़ी सर्जरी होनी है।
सलीम वास्तिक आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। गाजियाबाद के लोनी निवासी सलीम ने अपनी दीनी तालीम आजाद स्कूल से पूरी की, लेकिन उनके जीवन का असल मोड़ तब आया जब उन्होंने खुद को एक्स-मुस्लिम घोषित कर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। वे सलीम वास्तिक 0007 यूट्यूब चैनल के जरिए अपने 28 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स के बीच इस्लाम, मदरसा शिक्षा और मुस्लिम समुदाय के आर्थिक पिछड़ेपन पर तीखे सवाल उठाते हैं। जहां एक ओर लोग समाज के डर से अपनी विचारधारा साझा करने से कतराते हैं, वहीं सलीम टीवी डिबेट्स में भी हलाला जैसी प्रथाओं पर बेबाकी से अपनी राय रखते आए हैं। हालांकि, व्यवस्था और परंपराओं को दी गई यही चुनौती अब उनके जीवन के लिए एक गंभीर खतरा बन गई है।
गाजियाबाद के लोनी स्थित अंकुर विहार में शुक्रवार सुबह सनसनी फैल गई, जब एक्स-मुस्लिम एक्टिविस्ट सलीम वास्तिक पर उनके कार्यालय में घुसकर जानलेवा हमला किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सलीम अली गार्डन कॉलोनी स्थित अपने दफ्तर में थे, तभी बाइक सवार दो हमलावरों ने उन पर अचानक धावा बोल दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि हमलावरों ने बेहद क्रूरता का परिचय देते हुए पहले सलीम का गला रेतने की कोशिश की और फिर उनके पेट पर चाकू से कई वार किए। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए। लहूलुहान हालत में सलीम को तुरंत दिल्ली के जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां वे फिलहाल जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। स्थानीय पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और हमलावरों की तलाश में जुटी है।
पुलिस की जांच और स्थानीय चर्चाओं से यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि सलीम वास्तिक पर हुआ हमला कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। सलीम लंबे समय से कट्टरपंथियों के निशाने पर थे, क्योंकि उन्होंने न केवल इस्लाम को एक विदेशी मजहब करार दिया था, बल्कि वे अक्सर यह सवाल भी उठाते थे कि मुस्लिम समाज के एक वर्ग में हिंदुओं के प्रति नकारात्मकता क्यों है? हलाला और कुरान जैसे संवेदनशील विषयों पर उनकी बेबाक टिप्पणियों के कारण उन्हें लगातार धमकियां और चेतावनियां मिल रही थीं। आरोपियों और उनके विरोधियों का मानना था कि सलीम की विचारधारा समाज के लिए खतरा है, और जब चेतावनी के बावजूद वे नहीं रुके, तो उन्हें रास्ते से हटाने के लिए इस खूनी वारदात को अंजाम दिया गया।
सलीम के बेटे उस्मान ने इस हमले के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोलते हुए पांच नामजद व्यक्तियों के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई है। उस्मान की तहरीर के आधार पर पुलिस ने भाटी बिल्डर, AIMIM नेता अजगर, अशरफ, शाहरुख और सोनू के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। परिजनों का साफ आरोप है कि यह हमला केवल दो अज्ञात बाइक सवारों की व्यक्तिगत सनक नहीं, बल्कि एक गहरी और सोची-समझी साजिश का हिस्सा है, जिसके तार स्थानीय रसूखदार लोगों से जुड़े हुए हैं। अब पुलिस की जांच का मुख्य बिंदु यह है कि क्या इन नामजद आरोपियों ने ही हमलावरों को सलीम को रास्ते से हटाने की सुपारी दी थी?
फिलहाल सलीम वास्तिक की हालत नाजुक बनी हुई है और वे दिल्ली के जीटीबी GTB अस्पताल में जीवन के लिए लड़ रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, उनके गले का जटिल ऑपरेशन हो गया है, लेकिन पेट के घाव गहरे होने के कारण स्थिति अभी भी चिंता बनी हुई है। चिकित्सकों की टीम आज एक और बड़ा ऑपरेशन करने की तैयारी में है ताकि अंदरूनी चोटों को ठीक किया जा सके। इस बीच, सलीम के समर्थक और परिजन अस्पताल के बाहर जमा हैं और उनके जल्दी ठीक होने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
गाजियाबाद पुलिस ने आरोपियों को दबोचने के लिए कई टीमें गठित की हैं। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि अज्ञात बाइक सवार हमलावरों की पहचान की जा सके। इस हमले के बाद लोनी और आसपास के इलाकों में लोगों के बीच भारी आक्रोश है। वहीं, लोनी थाना अध्यक्ष का कहा कि सलीम वास्तिक पर हमला गंभीर मामला है। हम हर पहलू की जांच कर रहे हैं, चाहे वह वैचारिक रंजिश हो या कोई आपसी विवाद। आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
Updated on:
01 Mar 2026 12:44 pm
Published on:
28 Feb 2026 05:28 pm
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