
Delhi crime: दिल्ली पुलिस ने आदर्श नगर कत्लकांड में आजादपुर के गौरव उर्फ कालिया और लाल बाग के विनय को धर दबोचा है। इनके पास से वारदात में इस्तेमाल एक स्कूटी भी मिल गई है। पूछताछ में साफ हुआ कि पुराने विवाद का बदला लेने के लिए ही गौरव ने नाबालिग की हत्या की पूरी साजिश रची थी।
एडिशनल सीपी भीष्म सिंह के मुताबिक ,12 फरवरी की सुबह मजलिस लगभग 8:30 बजे थाना आदर्श नगर को पीसीआर कॉल मिली। पार्क मेट्रो स्टेशन के पास एक नाबालिग की जली हुई लाश मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तफ्तीश शुरू की तो पता चला कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि पुराने विवाद का बदला लेने के लिए रची गई एक खौफनाक साजिश थी।
शव की पहचान बाद में विष्णु निवासी जेलर वाला बाग, अशोक विहार फेज-II के रूप में हुई। 16 फरवरी को मृतक की बहन रोशनी का बयान दर्ज किया गया, जिसमें उसने बताया कि उसका भाई विष्णु अगस्त 2025 में दीपक नाम के शख्स की हत्या के मामले में शामिल था। जिसके कारण उसे जुवेनाइल होम भेजा गया था। 31 जनवरी को जमानत पर वह रिहा हुआ। हाल के दिनों में वह परेशान दिख रहा था। उसने बताया था कि आजादपुर निवासी गौरव उर्फ कालिया और उसके साथी उसे जान से मारने की धमकी दे रहे है। 11 फरवरी को विष्णु घर से निकला और वापस नहीं आया। उसका मोबाइल फोन भी बंद था। पुलिस ने जांच के आधार पर 17 फरवरी को सूचना के आधार पर आरोपी विनय को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल स्कूटी बरामद की गई।
पूछताछ के दौरान विनय ने कबूला कि उसने गौरव उर्फ कालिया के साथ मिलकर विष्णु को मौत के घाट उतारा था, जिसके बाद पुलिस ने गौरव को भी धर दबोचा। दरअसल, गौरव मृतक दीपक का पड़ोसी था और उसे अपने चाचा की तरह मानता था। 11 फरवरी की रात जब ये सब साथ में शराब पी रहे थे, तब विष्णु ने न सिर्फ दीपक की हत्या की बात कबूल की, बल्कि नशे में गौरव को भी जान से मारने की धमकी दे डाली। अपने चाचा की मौत का बदला लेने और खुद पर आए खतरे को देख गौरव ने विनय के साथ मिलकर खौफनाक साजिश रची। प्लान के मुताबिक, दोनों ने पत्थर से सिर पर ताबड़तोड़ वार करके विष्णु की जान ले ली। इसके बाद जुर्म के निशान मिटाने के लिए उन्होंने लाश पर पेट्रोल छिड़का और उसे आग के हवाले कर दिया।
Published on:
28 Feb 2026 01:21 pm
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