
नई दिल्ली. लोक सभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि हमारा देश सामाजिक- आर्थिक रूप से पूरी तरह बदल गया है और ये बदलाव गुरुओं के कारण संभव हुए हैं। उन्होंने पीढ़ी दर पीढ़ी जिन विद्यार्थियों को शिक्षित किया है, उनकी क्षमता, दक्षता और गुणवत्ता के कारण भारत आज तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज की इस तेजी से बदलती हुई दुनिया में हमारे युवाओं को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी शिक्षकों के कंधों पर ही है।
बिरला ने यह बातें शिक्षक दिवस के अवसर पर गुरुवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में कहीं। बिरला ने महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और सभी गुरुओं का आदरपूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि गुरु का स्थान भारतीय ज्ञान परंपरा में सबसे ऊपर है। उन्होंने गुरु विश्वामित्र, द्रोण, कौटिल्य, कालिदास, महर्षि दयानंद सरस्वती, महात्मा हंसराज, महात्मा ज्योतिबा फुले, स्वामी विवेकानंद और डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम जैसी विभूतियों का स्मरण करते हुए कहा कि इन सब गुरुओं ने हमारे देश को अपने ज्ञान से समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के शिक्षण संस्थान देश की दिशा और भविष्य निर्धारित करते हैं। हमारे प्राचीन दर्शन में गुरु को शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण का सूत्रधार माना जाता था।
बिरला ने कहा कि महात्मा हंसराज जीवन आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। विद्यार्थियों से महात्मा हंसराज जैसे महापुरुषों की जीवनी पढऩे और उनसे प्रेरणा लेने का आग्रह किया। इन महान व्यक्तियों ने अपने जीवन में जिन संघर्षों का सामना किया है, उससे सीख लेते हुए विद्यार्थियों को लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में काम करने के लिए स्वयं को प्रतिबद्ध करना चाहिए। बिरला ने कहा कि आने वाले समय में चौथी औद्योगिक क्रांति होगी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जैव प्रौद्योगिकी और अन्य नए क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। रिसर्च के इन आधुनिक विषयों में देश को अग्रणी बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। वैश्विक स्थिति में हो रहे बदलाव और शिक्षा के क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत के चलते हमारे युवा शीघ्र ही विकसित देशों में आर्थिक प्रगति का नेतृत्व करेंगे।
बिरला ने कहा कि 1948 में स्थापित हंसराज कॉलेज शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहा है और देश की शीर्ष संस्था के रूप में अपनी पहचान बनाई है। बीते दशकों में हंसराज कॉलेज लगातार अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करता आया है और यहां छात्रों को ऐसा शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे मूल्य आधारित शिक्षा और व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा मिल रहा है। इस अवसर पर बिरला को महात्मा हंसराज पुरस्कार से सम्मानित किया गया। लोक सभा सांसद नवीन जिंदल भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए ।
भारत यात्रा पर आए संयुक्त अरब अमीरात के संसदीय शिष्टमंडल ने संसद भवन परिसर में लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ बैठक की। शिष्टमंडल का नेतृत्व रक्षा, आंतरिक और विदेशी मामलों की समिति के प्रमुख डॉ. अली राशिद अल नुआइमी कर रहे हैं। बिरला ने कहा कि आजादी के बाद से ही दोनों देशों के बीच जनता का जनता से कनेक्शन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
रिणामस्वरूप, बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक यूएई में रहते हैं और वहां की प्रगति में अपना योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों के कारण आज भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। भारत प्रगति के परस्पर लाभकारी रूप को महत्व देता हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि दोनों देश सांस्कृतिक और व्यापारिक आदान-प्रदान की परंपरा को नई ऊंचाइयां प्रदान कर रहे हैं। बिरला ने प्रसन्नता व्यक्त की कि यूएई सरकार की ओर से स्वामी नारायण मंदिर के निर्माण को सुलभ कराया गया। उन्होंने इस उपलब्धि को मजबूत सांस्कृतिक संबंधों का प्रमाण बताया। अल नुआइमी ने दोनों देशों के बीच भाईचारे की भावना की सराहना की।
Published on:
06 Sept 2024 02:51 pm
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