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DU CUET: सीयूईटी के जरिए छात्रों का आईक्यू व एप्टीट्यूड का हुआ परीक्षण बोले शिक्षक, जानिए किस बोर्ड के कितने छात्रों ने अब तक लिए एडमिशन?

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में पहली बार सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) द्वारा अंडर ग्रेजुएट कोर्सों में डीयू के सभी कॉलेजों में दाखिले दिए गए हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में अंडर ग्रेजुएट कोर्स में प्रवेश के लिए सीयूईटी को अपनाते हुए दाखिला सुनिश्चित करने के लिए कहा था। इसके बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने सीयूईटी का आयोजन किया। वहीं, डीयू के शिक्षकों व प्रिंसिपलों की राय है कि सीयूईटी के जरिए छात्रों के आईक्यू व एप्टिट्यूट का परीक्षण हुआ।

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DU CUET: सीयूईटी के जरिए छात्रों का आईक्यू व एप्टीट्यूड का हुआ परीक्षण बोले शिक्षक, जानिए किस बोर्ड के कितने छात्रों ने अब तक लिए एडमिशन?

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के विभिन्न कॉलेजों व कोर्सों में CUET के जरिए काफी संख्या में छात्रों ने एडमिशन लिया है। शिक्षकों के अनुसार CUET के जरिए उनका आईक्यू व एप्टीट्यूट का बेहतर परीक्षण हुआ है। वहीं, कुछ बोर्ड के छात्रों की संख्या में एडमिशन लेने में पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ोतरी हुई है तो कुछ बोर्ड के छात्रों की संख्या में आई है कमी।

दिल्ली विश्वविद्यालय में सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के जरिए पहली बार बिना कटऑफ के सीयूईटी स्कोर के आधार पर छात्रों के विभिन्न कॉलेजों के कोर्स में दीखिले हुए हैं। साथ ही देश भर के विभिन्न बोर्डों के लिए सीयूईटी के जरिए एकरूपता व समानता भी आई है और डीयू की अंडर ग्रेजुएट कोर्सों में योग्यता सूची का लाभ भी छात्रों को हुआ है। साथ ही छात्रों को हाई कटऑफ के प्रेशर से भी निजात मिली है। हालांकि, अभी तक के डीयू के डाटा पर नजर डालें तो कुछ बोर्डों को सीयूईटी के जरिए फायदा हुआ है, तो कुछ बोर्डों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में कमी आई है।

सरल रही है दाखिला प्रक्रिया, ऑनलाइन हुए हैं रजिस्ट्रेशन

डीयू की मिरांडा हाउस की प्रिंसिपल प्रो बिजयलक्ष्मी नंदा ने बताया कि सीयूईटी के जरिए विभिन्न बोर्डों के लिए एकरूपता लाना मुख्य उद्देश्य में से एक था। साथ ही डीयू की मेरिट लिस्ट भी सीयूईटी स्कोर के आधार पर तैयार हुई है। सीयूईटी के जरिए छात्रों में हाई कटऑफ का प्रेशर खत्म हुआ है। इस एंट्रेंस टेस्ट से छात्रों के आईक्यू, एप्टिट्यूट टेस्ट का भी बेहतर परीक्षण हुआ है। इस वर्ष पूरी दाखिला प्रक्रिया काफी सरल रही है। छात्रों ने ऑनलाइन, कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (सीएसएएस) के पोर्टल में सीयूईटी के तहत अपना रजिस्ट्रेशन कराया और छात्रों के ऑनलाइन दाखिला सुनिश्चित हुए हैं।

13 भाषाओं में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए

सीयूईटी में 13 भाषाओं में ऑब्जेक्टिव टाइप बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए। इसमें तीन खंडों में सवाल पूछे गए। जिसमें खंड 1 में भाषाएं (ए और बी) सेक्शन, खंड - डोमेन विशिष्ट प्रश्न और खंड 3 सामान्य परीक्षा के सवाल पूछे गए। छात्रों की कंप्यूटर आधारित परीक्षा हुई। छात्रों से सीयूईटी में 12वीं कक्षा की एनसीईआरटी की किताबों पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए।

हरियाणा व केरल बोर्ड के छात्रों के एडमिशन की संख्या में आई कमी

दिल्ली विश्वविद्यालय के डाटा के अनुसार सीयूईटी के तहत इस वर्ष विभिन्न बोर्ड के छात्रों के दाखिला लेने वाले छात्रों में बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन हरियाणा के 484 छात्रों ने डीयू के विभिन्न कॉलेजों में यूजी कोर्स में दाखिला लिया है। इससे पहले वर्ष 2021 में कटऑफ के तहत हरियाणा बोर्ड के 2,470 छात्रों ने दाखिला लिया था। वहीं, केरल बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन के कुल 391 छात्रों ने इस वर्ष सीयूईटी के तहत दाखिला लिया है। पिछले वर्ष 2021 में 1,672 छात्रों ने कटऑफ के आधार पर डीयू में दाखिला लिया था। वहीं, सीयूईटी के तहत इस वर्ष 2022 में बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन, मध्य प्रदेश के 348 छात्रों ने, जम्मू एंड कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के 288 छात्रों ने, झारखंड एकेडमिक काउंसिल, रांची के 167 छात्रों ने और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) के 142 छात्रों ने डीयू में प्रवेश लिया है। साथ ही इस वर्ष काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) के दो हजार से ज्यादा छात्रों ने डीयू में प्रवेश लिया है।

वर्ष 2021 में टॉप बोर्ड के प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या (कटऑफ के तहत हुए थे दाखिले)

सीबीएसई - 59,199
हरियाणा - 2,470
सीआईएससीई - 2,389
केरल - 1,672
राजस्थान - 1,511

वर्ष 2022 में टॉप बोर्ड के प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या

सीबीएसई - 51,797
सीआईएससीई - 2,026
बिहार - 1,450
उत्तर प्रदेश - 1,133
राजस्थान - 840