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50वीं सालगिरह पर बदल गया ‘स्‍वाजीलैंड’ देश का नाम, अब ‘द किंगडम ऑफ इस्वातिनी’ से होगी पहचान

अचानक बदल गया इस देश का नाम। अब इस नाम से होगी पहचान।

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नई दिल्ली। अफ्रीकी देश स्वाजीलैंड के राजा मस्वाती तृतीय ने आजादी के 50 साल पूरे होने पर अपने देश का नाम बदल दिया है। स्वाजीलैंड को अब 'द किंगडम ऑफ इस्वातिनी' के नाम से जाना जाएगा। बीते बुधवार को राजा मस्वाती तृतीय ने इसकी घोषणा की है।

बताया जा रहा है कि राजा मस्‍वाती अपने देश का नया नाम काफी समय से देना चाहते थे। साल 2017 में संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करते हुए और उससे भी पहले साल 2014 में स्‍वाजीलैंड की संसद के उद्घाटन के वक्त भी उन्‍होंने अपने देश के लिए इस्वातिनी नाम का इस्तेमाल किया था। राजा ने नाम बदलने के पीछे तर्क दिया है कि लोग उनके देश के पूर्व नाम को स्‍वीटजरलैंड के नाम से जोड़ कर भ्रमित हो जाते हैं। वहीं, इस बदलाव देश के काफी लोग खुश हैं। हालांकि, उनका कहना है नाम बदलने की जगह राजा को देश की सुस्त अर्थव्यवस्था को सुधारने में ध्‍यान लगाना चाहिए।

राजा के हैं 14 रानियां

मस्‍वाती तृतीय ने अब तक कुल 15 शादियां की है। लेकिन, उनकी एक रानी की मौत हो चुकी है। हालांकि, 14 में से दो ही रानियों को रॉलय का दर्जा प्राप्त है। 15 रानियों में से मस्वाती के कुल 30 बच्चे हैं। वहीं, मस्वाती के पिता सोभुजा की 125 रानियां थीं।

राजा ने सुनाए कई अजीबोगरीब फैसले

मस्‍वाती तृतीय ने अपने कार्यकाल मे अब तक कई अजीबोगरी फैसले सुनाए हैं। साल 2000 में एड्स से निजात दिलाने के लिए उन्होंने एक संसद में प्रस्ताव रखा था, जिसमें एड्स पीड़त लोगों को नपुंसक बनाने की बात कही गई थी। हालांकि, उस प्रस्ताव का जमकर विरोध हुआ था, जिसके बाद उसे वापस ले लिया गया। इसके अलावा उन्होंने 19 साल से कम उम्र की युवतियों से यौन संबंध बनाने के खिलाफ फरमान जारी किया था। इसके तहत उन्हें गले में उनका मफलर लगाकर बाहर निकलना होता था। इसके लिए प्रोत्साहन राशि 1800 रुपए निर्धारित किया गया था। यहां आपको बता दें कि मस्‍वाती पिछले तीन पीढ़ियों से यहां राज कर ही है। उनके दादा और पिता उनके पहले सिंहासन पर बैठ चुके हैं।