नई दिल्ली

दक्षिण अफ्रीका में मिला दुनिया का सबसे प्राचीन कब्रिस्तान

नई खोज : जीवाश्म विज्ञानियों का दावा, यहां दफनाए जाते थे होमो नलेदी मानव

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Jun 07, 2023
दक्षिण अफ्रीका में मिला दुनिया का सबसे प्राचीन कब्रिस्तान

जोहान्सबर्ग. जीवाश्म विज्ञानियों ने दक्षिण अफ्रीका में दुनिया के सबसे प्राचीन कब्रिस्तान की खोज की है। इसे करीब एक लाख साल पहले का बताया जा रहा है। जोहान्सबर्ग में यूनेस्को की वल्र्ड हैरिटेज साइट के पास मिला यह कब्रिस्तान होमो नलेदी का है, जो पेड़ पर चढऩे वाले पाषाण युग के मानव थे। वैज्ञानिकों का कहना है कि यहां ऐसे इंसानों को दफनाया जाता था, जिनका दिमाग छोटा होता था।

अमरीका के जीवाश्म विज्ञानी ली बर्जर के नेतृत्व में यह खोज की गई। बर्जर का कहना है, हमें जो कुछ मिला, हैरान करने वाला है। कब्रिस्तान एक गुफा के अंदर 100 फीट जमीन में दबा हुआ था। गुफा में पत्थर युग के इंसान रहते थे। इस खोज को 'ई-लाइफ' में प्रकाशित किया जाएगा। जीवाश्म विज्ञानियों के मुताबिक कब्रिस्तान से ठोस सबूत मिले हैं कि एक लाख साल पहले भी मानवजाति अस्तित्व में थी। कब्रिस्तान में छोटे दिमाग वाले होमो नलेदी मानव दफनाए जाते थे। स्मिथसोनियन ह्यूमन ओरिजिन्स प्रोग्राम के निदेशक रिक पोट्स ने कहा, अब भी होमो नलेदी के बारे में बहुत कुछ सामने आना बाकी है।

बंदरों और आधुनिक मानव के बीच की कड़ी

ली बर्जर ने बताया, होमो नलेदी मानव सभ्यता का वह रूप था, जिसे बंदरों और आधुनिक मानवों के बीच की कड़ी माना जाता है। इनका दिमाग संतरे के आकार के बराबर होता था। इनकी लंबाई करीब पांच फीट तक होती थी। हाथ और पैर की मुड़ी हुई अंगुलियों के बावजूद ये उपकरण चलाने में सक्षम थे। ये आज के इंसानों की तरह चलने के लिए पैरों का इस्तेमाल करते थे।

'राइजिंग स्टार' गुफा के लोग

बर्जर ने ही दस साल पहले होमो नलेदी की खोज की थी। इस खोज से इस धारणा को खत्म करने में मदद मिली कि इंसानों का विकास एक सीधी रेखा पर हुआ था। इस प्रजाति का नाम 'राइजिंग स्टारÓ गुफा के नाम पर रखा गया, जहां पहली बार 2013 में इंसानों की हड्डियां मिली थीं।

Updated on:
07 Jun 2023 06:53 am
Published on:
07 Jun 2023 12:11 am
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