
Delhi Crime: किराएदार ने नाबालिग का उठाया फायदा, अचानक पहुंच गई मां…फिर कोर्ट ने सुनाया ये फैसला। (फोटोः AI)
Delhi Crime: दिल्ली में एक नाबालिग का यौन शोषण करने के मामले में कोर्ट ने डीएनए रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में चार साल फैसला आया है। चार साल की लंबी कानूनी प्रक्रिया और गवाहों के बयानों के साथ ही इस मामले में आरोपी की डीएनए प्रोफाइलिंग निर्णायक सबूत साबित हुई। दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह घटना फरवरी 2021 की है। जब पश्चिमी दिल्ली की एक इमारत की छत पर 8 वर्षीय बच्ची कपड़े लेने गई थी। उसी दौरान वहीं रहने वाला एक युवक भी छत पर आया और बच्ची का मुंह बंद कर दिया ताकि वह शोर न मचा सके। अंधेरे और अकेलेपन का फायदा उठाकर उसने बच्ची के साथ यौन शोषण किया।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता की मां ने शिकायत दी थी कि उनकी बेटी जब छत पर गई थी तो पास के कमरे में रहने वाला युवक भी वहां पहुंचा और वारदात को अंजाम दिया। आरोपी उस समय 19 वर्ष का था और उसी इमारत में उनके पास ही एक कमरे में रहता था। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत केस दर्ज कर चार साल में सबूतों और डीएनए रिपोर्ट के आधार पर अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई। तीस हजारी कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बबीता पुनिया ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और ₹5000 का जुर्माना भी लगाया।
इस बीच दिल्ली पुलिस द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 की पहली तिमाही (1 जनवरी से 31 मार्च) में राजधानी में बलात्कार के 370 मामले दर्ज किए गए, जो 2024 की इसी अवधि में दर्ज 455 मामलों की तुलना में 18.68% कम हैं। 2023 में इसी अवधि में 422 मामले सामने आए थे। इसी तरह, छेड़छाड़ के मामले भी घटे हैं। 2025 की पहली तिमाही में 379 मामले सामने आए, जो 2024 में दर्ज 444 मामलों की तुलना में 14.63% और 2023 के 547 मामलों की तुलना में 30.71% कम हैं।
Updated on:
25 May 2025, 7:24 PM IST
Published on:
25 May 2025, 7:22 PM IST
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