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ढाई करोड़ विद्यार्थिर्यों को गर्मियों की छुट्टियों में भी मिलेगा मिड डे मील

देश के सूखा ग्रस्त राज्यों में अध्ययनरत करोड़ों अभिभावकों को इस बात की चिंता से मुक्त हो जाना चाहिए कि उनके नन्हें  बच्चों को गर्मियों में मिड डे मील मिलना बंद हो जाएगा

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Shankar Sharma

May 10, 2016

Delhi news

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अनिल अश्विनी शर्मा
नई दिल्ली. देश के सूखा ग्रस्त राज्यों में अध्ययनरत करोड़ों अभिभावकों को इस बात की चिंता से मुक्त हो जाना चाहिए कि उनके नन्हें बच्चों को गर्मियों में मिड डे मील मिलना बंद हो जाएगा, क्योंकि इस बार देश के सूखा ग्रस्त 228 जिलों के लगभग ढाई करोड़ से अधिक विद्यार्थिर्यों को गर्मियों की छुट्टियों में भी मिड डे मील मिलेगा।

राजस्थान में 15 लाख, छत्तीसगढ़ के 25 लाख व मध्य प्रदेश में 36 लाख विद्यार्थिर्यों को इस बार गर्मियों की छुट्टियों में भी मिड डे मील मिलेगा। अमूमन मिड डे मील छुट्टियों में वितरित नहीं किया जाता है, लेकिन इस बार केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने देश के नौ सूखा ग्रस्त राज्यों में पढऩे वाले लगभग ढाई करोड़ विद्यार्थिर्यों को ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भी मिड डे मील वितरण करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मंत्रालय की ओर से सभी संबंधित राज्यों को अधिसूचना जारी कर दी गई है।

सभी सूखाग्रस्त जिले शामिल
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से घोषित सूखा ग्रस्त राज्यों में मिड डे मील योजना को ग्रीष्म अवकाश में भी चालू रखने संबंधी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ये दिशा-निर्देश राज्यों द्वारा औपचारिक रूप से अधिसूचित सूखा प्रभावित सभी जिलों में लागू होंगे। अधिसूचना में कहा गया है कि ग्रीष्म कालीन अवकाश के दौरान जिन दिवसों में मिड डे मील वितरित किया जाना है, उनकी संख्या के बारे में संबंधित राज्य सरकारों द्वारा स्वयं ही निर्णय लिया जाएगा।

नौ राज्य शामिल
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के अनुसार देश के नौ राज्यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, ओडिशा , तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के 228 जिलों को सूखा ग्रस्त घोषित किया गया है। इन्हीं सब राज्यों के छात्रों को मिड डे मील छुट्टियां में भी वितरित किया जाएगा। मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार इससे देश के नौ राज्यों के 2,52,47,126 करोड़ छात्र लाभान्वित होंगे।

मिड डे मील में दूध और अंडे भी
सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले करीब 11 करोड़ बच्चों को मिड डे मिल में आगामी माहों में पौष्टिक आहार मिल सकता है। इन पौष्टिक आहारों में अंडा, दूध, दुग्ध उत्पाद शामिल हैं। मानव संसाधन मंत्रालय ने सात साल बाद खाद्य मानकों में संशोधन किया है। पर वास्तव में अनाज में यह संशोधन 1995 में मिड डे मील योजना लागू किए जाने के बाद से पहली बार किया गया है।

समिति ने प्राथमिक स्कूलों के बच्चों को दिए जाने वाले अनाज को 100 ग्राम से घटाकर 90 ग्राम और उच्च प्राथमिक स्कूलों के बच्चों के लिए 150 ग्राम से घटाकर 125 ग्राम की है पर इसकी भरपाई अंडा, दूध, दुग्ध उत्पाद को शामिल करके कर दी है। इसके अलावा तैलीय वसा की मात्रा प्राथमिक स्कूलों के बच्चों के लिए 5 ग्राम से बढ़ाकर 10 ग्राम और उच्च प्राथमिक स्कूलों के बच्चों के लिए 10 ग्राम से बढ़ाकर 15 ग्राम की गई है।